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किस्सा रुला देगा: रेलवे ट्रैक में फंसा था भतीजा, ट्रेन पास आते ही मासूम के ऊपर लेट गई बुआ, फिर जान देकर दिया जीवनदान

Sat, 11 Dec 2021 01:43 PM IST
प्रशांत कुमार अमर उजाला ब्यूरो,  मुरादाबाद
अमर उजाला ब्यूरो,  मुरादाबाद Published by: प्रशांत कुमार Updated Sat, 11 Dec 2021 01:43 PM IST
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girl save child life Lying over him who trapped in railway track in Moradabad
मृतका और बच्चे की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

मुरादाबाद में कटघर थाना क्षेत्र में भतीजे को बचाने के लिए एक युवती ने अपनी जान दे दी। तीन साल का भतीजा रेलवे ट्रैक में फंस गया था। युवती जब उसे बचाने में कामयाब नहीं हो पाई तो वह उसके ऊपर लेट गई। पल भर में  ट्रेन दोनों के ऊपर से गुजर गई। इसमें बच्चे की जिंदगी तो बच गई, लेकिन युवती के शरीर के टुकड़े हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव के टुकड़ों को एकत्र कर पोस्टमार्टम कराया। 



भतीजे आरव (तीन) की जिंदगी बचाने वाली शशिबाला (20) कुंदरकी थानाक्षेत्र के हुसैनपुर गांव की रहने वाली थी। युवती के पिता मेवाराम ने बताया कि आठ दिसंबर को शशिबाला की ममेरी बहन कविता पुत्री ओमप्रकाश निवासी भैंसिया की शादी थी। युवती शादी समारोह में शामिल होने के लिए अपने पिता के साथ आई थी।

विदाई होने के बाद गुरुवार शाम को वह परिवार की महिलाओं के साथ मंढा सिराने भैंसिया गांव के पास मुरादाबाद-लखनऊ रेल लाइन पार कर तालाब की ओर गई थी। जहां से लौटते समय युवती के ममेरे भाई आनंद प्रकाश का तीन वर्षीय बेटा आरव पुल पर रेलवे लाइन में फंस गया था। इस दौरान मुरादाबाद की ओर तेज रफ्तार ट्रेन हॉर्न बजाती हुई आ रही थी। इससे पहले वहां मौजूद लोग कुछ समझ पाते शशिबाला झट से ट्रैक पर पहुंच गई।
 

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बच्चे की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

पहले तो उसने बच्चे को ट्रैक से हटाने की कोशिश की, लेकिन इसमें कामयाबी नहीं मिल पाई। तब तक ट्रेन और नजदीक आ गई थी। यह देखकर शशिबाला ट्रैक पर ही बच्चे के ऊपर लेट गई। दोनों के ऊपर से धड़धड़ाती हुई ट्रेन गुजर गई। ट्रेन जब गुजर गई तो वहां सन्नाटा था। शशिबाला के साथ गई महिलाओं ने मौके पर जाकर देखा तो ट्रैक पर बच्चा सुरक्षित पड़ा हुआ था, जबकि उसके शरीर के कई टुकड़े हो चुके थे।

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मृतका की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

इस हादसे से शादी वाले घर में कोहराम मच गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और युवती के शव के टुकड़ों को इकट्ठा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कटघर थाना प्रभारी आरपी शर्मा ने बताया कि पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।


 
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मुरादाबाद रेलवे स्टेशन - फोटो : Social Media

12 साल पहले हुई थी मां की मौत, पिता की एकमात्र सहारा थी शशिबाला 

कुंदरकी थाना क्षेत्र के हुसैनपुर निवासी मेवाराम मजदूरी करते हैं। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी आशा की 12 साल पहले बीमारी से मौत हो गई थी। उस वक्त शशिबाला की उम्र मात्र आठ साल थी। बेटी की अच्छी परवरिश और उसे भविष्य में कोई परेशानी न हो, यही सोचकर उन्होंने दूसरी शादी भी नहीं की थी। युवती अपने पिता की इकलौती सहारा थी। 


 
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मुरादाबाद रेलवे - फोटो : अमर उजाला/ ब्यूरो मुरादाबाद

बेटी की शादी की तैयारी कर रहे थे मेवाराम 

बेटी की मौत से मेवाराम पूरी तरह से टूट गए हैं। उनका कहना है कि बड़ी हंसी खुशी से बेटी के साथ शादी समारोह में शामिल होने गए थे, लेकिन  यह नहीं मालूम था कि जिस बेटी को साथ लेकर जा रहा हूं। वापसी में उसकी लाश लेकर लेकर आना पड़ेगा। मेवाराम का कहना है कि वे तो बेटी की शादी की तैयारियां में जुट गए थे। जल्द ही रिश्ता तय करने के बाद शादी करने की तैयारी थी। 

मासूम भी हो गया जख्मी

इस हादसे में बच्चा आरव भी घायल हो गया है। उसके चेहरे पर पत्थर लगा है। हादसे के बाद बच्चा गुमसुम है। पिता आनंद प्रकाश ने निजी अस्पताल में बच्चे का उपचार कराया है।
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