मुरादाबाद में कटघर थाना क्षेत्र में भतीजे को बचाने के लिए एक युवती ने अपनी जान दे दी। तीन साल का भतीजा रेलवे ट्रैक में फंस गया था। युवती जब उसे बचाने में कामयाब नहीं हो पाई तो वह उसके ऊपर लेट गई। पल भर में ट्रेन दोनों के ऊपर से गुजर गई। इसमें बच्चे की जिंदगी तो बच गई, लेकिन युवती के शरीर के टुकड़े हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव के टुकड़ों को एकत्र कर पोस्टमार्टम कराया।
किस्सा रुला देगा: रेलवे ट्रैक में फंसा था भतीजा, ट्रेन पास आते ही मासूम के ऊपर लेट गई बुआ, फिर जान देकर दिया जीवनदान
पहले तो उसने बच्चे को ट्रैक से हटाने की कोशिश की, लेकिन इसमें कामयाबी नहीं मिल पाई। तब तक ट्रेन और नजदीक आ गई थी। यह देखकर शशिबाला ट्रैक पर ही बच्चे के ऊपर लेट गई। दोनों के ऊपर से धड़धड़ाती हुई ट्रेन गुजर गई। ट्रेन जब गुजर गई तो वहां सन्नाटा था। शशिबाला के साथ गई महिलाओं ने मौके पर जाकर देखा तो ट्रैक पर बच्चा सुरक्षित पड़ा हुआ था, जबकि उसके शरीर के कई टुकड़े हो चुके थे।
इस हादसे से शादी वाले घर में कोहराम मच गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और युवती के शव के टुकड़ों को इकट्ठा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कटघर थाना प्रभारी आरपी शर्मा ने बताया कि पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
12 साल पहले हुई थी मां की मौत, पिता की एकमात्र सहारा थी शशिबाला
कुंदरकी थाना क्षेत्र के हुसैनपुर निवासी मेवाराम मजदूरी करते हैं। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी आशा की 12 साल पहले बीमारी से मौत हो गई थी। उस वक्त शशिबाला की उम्र मात्र आठ साल थी। बेटी की अच्छी परवरिश और उसे भविष्य में कोई परेशानी न हो, यही सोचकर उन्होंने दूसरी शादी भी नहीं की थी। युवती अपने पिता की इकलौती सहारा थी।
बेटी की शादी की तैयारी कर रहे थे मेवाराम
बेटी की मौत से मेवाराम पूरी तरह से टूट गए हैं। उनका कहना है कि बड़ी हंसी खुशी से बेटी के साथ शादी समारोह में शामिल होने गए थे, लेकिन यह नहीं मालूम था कि जिस बेटी को साथ लेकर जा रहा हूं। वापसी में उसकी लाश लेकर लेकर आना पड़ेगा। मेवाराम का कहना है कि वे तो बेटी की शादी की तैयारियां में जुट गए थे। जल्द ही रिश्ता तय करने के बाद शादी करने की तैयारी थी।