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ध्रुव अपहरण कांड: सरकारी वकील ने कोर्ट में कहा-शिखा और अशफाक की व्हाट्सएप चैटिंग से सामने आया सच
Tue, 24 Nov 2020 06:08 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 24 Nov 2020 06:08 PM IST
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Dhruv Kidnapping case
- फोटो : अमर उजाला
मुरादाबाद के मझोला के चर्चित ध्रुव अपहरण कांड में आरोपी शिखा और उसके प्रेमी अशफाक की रातें अभी सलाखों के पीछे ही गुजरेंगी। जिला एवं सत्र न्यायाधीश देवी शंकर प्रसाद श्रीवास्तव की अदालत ने सोमवार को दोनों की जमानत याचिका खारिज कर दी। तीसरे आरोपी कार मोहम्मद चालक इमरान खान को अदालत से जमानत मिल गई है।
Dhruv Kidnapping case
- फोटो : अमर उजाला
आपको बता दें कि मझोला थानाक्षेत्र के लाइन पार रामलीला मैदान के पास रहने वाले फाइनेंस कंपनी कर्मचारी गौरव कुमार के पांच साल के बेटे ध्रुव कुमार का सात अगस्त 2020 की दोपहर करीब डेढ़ बजे घर के बाहर से ही अपहरण कर लिया गया था। इसके बाद गौरव से इंटरनेट कॉल के जरिये तीस लाख रुपये की फिरौती मांगी गई थी। पुलिस ने आठ अगस्त को गाजियाबाद के कौशांबी से ध्रुव को बरामद किया था। पुलिस ने इस मामले में ध्रुव की मां शिखा, तेलंगाना निवासी अशफाक और कार चालक इमरान खान को गिरफ्तार कर अपहरण कांड का खुलासा किया था।
dhruv kidnapping case
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने दावा किया था कि शिखा के अशफाक से प्रेम संबंध थे। प्रेमी के साथ घर बसाने को शिखा ने ही अपने बेटे ध्रुव का अशफाक से अपहरण कराया था। तब से ही तीनों आरोपी जेल में बंद हैं। आरोपियों ने जमानत के लिए जिला जज की अदालत में याचिका दाखिल की थी। शिखा के पति गौरव ने भी शिखा के पक्ष और अशफाक के पक्ष में शपथ पत्र देते हुए कहा था कि उनका कोई दोष नहीं है। पुलिस ने उन्हें फर्जी फंसाया। इसलिए जमानत दी जाए।
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dhruv kidnapping case
- फोटो : अमर उजाला
शिखा पक्ष की दलील जिसमें पुलिस पर भी लगाए आरोप
शिखा की जमानत के पक्ष में उनके अधिवक्ता अभिषेक शर्मा ने दलील पेश की। कहा कि विधि द्वारा अपहरण उसके द्वारा किया जाता है जो किसी नाबालिग को उसके संरक्षक की संरक्षता से हटाता है। शिखा ध्रुव की सगी मां है और उसके द्वारा अपने पुत्र का अपहरण नहीं किया जा सकता है। यह भी कहा कि अशफाक तो ध्रुव को घुमाने ले गया था।
शिखा की जमानत के पक्ष में उनके अधिवक्ता अभिषेक शर्मा ने दलील पेश की। कहा कि विधि द्वारा अपहरण उसके द्वारा किया जाता है जो किसी नाबालिग को उसके संरक्षक की संरक्षता से हटाता है। शिखा ध्रुव की सगी मां है और उसके द्वारा अपने पुत्र का अपहरण नहीं किया जा सकता है। यह भी कहा कि अशफाक तो ध्रुव को घुमाने ले गया था।
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पिता के साथ ध्रुव
- फोटो : अमर उजाला
सात अगस्त 2020 को ध्रुव गायब हुआ था और आठ अगस्त को ही अशफाक उसे लेकर घर आ गया। तब तक एफआईआर हो चुकी थी। जब यह जानकारी पुलिस को दी तो पुलिस उच्चाधिकारियों ने अभद्रता की और कहा कि पूरे पुलिस महकमे को परेशान कर दिया। इसकी सजा दी जाएगी और कोरे कागजों पर साइन कराते हुए पूरी फर्जी कहानी बना डाली।