आर्यवीर महासम्मेलन में पहुंचे सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सिर्फ गो माता की जय बोलने से काम नहीं चलेगा। आस्था का सम्मान करना होगा। पीएम ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए गो आधारित खेती को यूनिट बजट का हिस्सा बना दिया। विष मुक्त खेती से खाद्यान्न भी पैदा होगा और गाय भी बचेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने 15 अगस्त को लाल किले से पंच प्रण की प्रेरणा दी थी। कहा था कि गुलामी का चिन्ह न रहे लेकिन हमारी विरासत कायम रहे। प्रदेश सरकार ने बगैर भेदभाव सामूहिक विवाह योजना चलाया है। दो लाख से अधिक युवतियों का विवाह कराया गया है। बाल विवाह को समाप्त कर विधवा विवाह कराए गए। कृषि में स्वदेशी तकनीक का प्रयोग बढ़ाया जा रहा है। प्रदेश में एक लाख 10 हजार हेक्टेअर क्षेत्रफल में प्राकृतिक खेती कराई गई है। अगले साल दो गुना क्षेत्रफल में खेती होगी। देश के हर राज्य में प्राकृतिक खेती की स्पर्धा शुरू हो गई है। योग और प्राकृतिक चिकित्सा को सम्मान दिया जा रहा है। नए भारत में ऋषि और मुनियों की परंपरा को आगे बढ़ाना है। आयुष पद्धति को देश में सम्मान मिला है।
उन्होंने आगे कहा कि आयुष मंत्रालय का गठन प्रधानमंत्री ने किया। नया भारत केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित नहीं रखता है। युवाओं को व्यवहारिक जीवन में संस्कारवान होने के साथ अपनी मातृभूमि के प्रति लगाव रखना चाहिए। इस दौरान भाजपा विधायक रितेश गुप्ता, मेयर विनोद अग्रवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. शैफाली सिंह, एमएलसी डॉ. जयपाल सिंह व्यस्त, टीएमयू के कुलाधिपति सुरेश जैन, मनोज आहूजा, निर्यातक विनय लोहिया, अनुपेंद्र सिंह, रमेश आर्य, लोकेश जसवंत सिंह, हिमांशु कौशिक, नैपाल सिंह पाल, आशा जैमिनी, रमाशंकर, यशपाल आर्य, पूनम चौहान, सविता चौधरी, लक्ष्मी यादव, विनोद कुमार गुप्ता, पूनम रस्तोगी, ऋषिपाल यादव, यशपाल सिंह, देवेंद्र सिंह, ऊषा गुप्ता, रितु विश्नोई, दिनेश कुमार, अनिल सिक्का, रामगोपाल आर्य आदि मौजूद थे।
सांसद ने सत्यार्थ प्रकाश की महत्ता को बताया
सांसद सत्यपाल सिंह ने कहा कि आचार्य देवब्रत से उन्होंने 1974 में ट्रेनिंग ली थी। योग का अर्थ जोड़ना होता है। एक बार पंडित मदन मोहन मालवीय के पास कुछ लोग गए। पूछे कि आप के चले जाने पर देश को दिशा कौन देगा। उस समय मालवीय जी ने अपने बेड के नीचे से सत्यार्थ प्रकाश की पुस्तक निकालकर उसे पढ़ने की सलाह दी। आजादी के आंदोलन में स्वामी दयानंद सरस्वती की पुस्तक ने काफी योगदान दिया।
भारत को कोई टुकड़ों में बांट नहीं सकता
योग गुरु रामदेव फायर ब्रांड साधु की तरह नजर आए। उन्होंने कहा कि लोग गजवा ए हिंद का नारा बुलंद कर रहे हैं। कुछ लोगों ने सर तन से जुदा की बातें कही है लेकिन कोई भी भारत के टुकड़े नहीं कर सकता है। भारत ऋषियों की भूमि है। देश योग और आध्यात्म के बल पर चल रहा है। देश में त्याग और समर्पण करने वालों की कमी नहीं है। अपने व्यवहार और संस्कार के बल पर देश को मजबूत बनाया जाएगा। इस्लाम और ईसाई में कुछ लोग कनवर्ट करने की मुहिम चला रहे हैं लेकिन देश नहीं बदलेगा। परिवर्तन शासन से नहीं आत्मअनुशासन से होगा बाबा रामदेव ने कहा कि परिवर्तन शासन नहीं आत्म अनुशासन से होता है। गुजरात और बिहार में शराब बंदी लागू है। फिर लोग शराब पीते हैं। जब तक खुद नशा छोड़ने के लिए तैयार नहीं होंगे तब तक शासन से यह काम नहीं होगा।
मुख्यमंत्री के सुरक्षा दस्ते ने जांच करने के लिए कार्यक्रम शुरू होने से पहले 12.31 बजे मंच को खाली करा दिया। आचार्यों के सामान तक नीचे उतार दिए गए। सुरक्षा दस्ते ने मंच के ऊपर से लेकर नीचे तक एंटी सेबोटॉज चेकिंग की लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु हाथ नहीं लगी। आधे घंटे बाद सुरक्षा अधिकारियों ने संचालन के लिए मंच प्रदान किया।
श्लोक के साथ स्वागत ने मन मोहा
वैदिक कन्या गुरुकुल चोटीपुरा की छात्राओं ने स्वामी बाबा रामदेव के आने पर संस्कृत के श्लोकों के साथ स्वागत गान गाया। छात्राओं के सस्वर गायन और ताल के संगम ने सभी का मन मोह लिया। लोग तालियां बजाने पर मजबूर हो गए।
सुमेधा को मंच पर बुलाया
बाबा रामदेव के सामने दर्शक दीर्घा में चोटीपुर वैदिक कन्या की संचालिका डॉ. सुमेधा बैठी थी। बाबा ने प्रोटोकॉल तोड़कर उनको मंच पर स्थान दिलवाया। तारीफ करते हुए कहा कि गुरुकुल कांगड़ी की तरफ सुमेधा अभावों के बीच कन्याओं को वैदिक शिक्षा प्रदान कर एक महान कार्य कर रहीं हैं।