अमरोहा में बसपा नेता राम अवतार सिंह के बेटे अश्वनी ने दाईं कनपटी से सटाकर खुद को गोली मारी थी। रिवाल्वर से निकली .32 बोर की गोली अश्वनी के सिर को चीरते हुए दीवार से जा टकराई थी। छानबीन के दौरान फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट की टीम ने गोली बरामद की है। अश्वनी के शव का पोस्टमार्टम तीन डॉक्टरों के पैनल ने किया। इस दौरान वीडियोग्राफी भी कराई गई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार अश्वनी ने सोमवार की शाम करीब छह बजे के आसपास आत्महत्या की थी। चिकित्सकों के पैनल में डॉ. इदरीस, डॉ. मुदित और डॉ. योगेंद्र सिंह शामिल थे। मंगलवार दिन में पोस्टमार्टम होने के बाद परिजनों ने तिगरी धाम गंगा घाट पर अश्वनी के शव का अंतिम संस्कार कर दिया। इस दौरान एमएलसी डॉ. हरि सिंह ढिल्लो ने भी संवेदना व्यक्त की।
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अमरोहा में जान गंवाने वाले अश्विनी
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फोन कॉल डिटेल निकलवा रही पुलिस
पुलिस यह जानने में लगी है कि अश्वनी ने खुद को शूट करने से पहले आखिरी फोन कॉल किसे की। उसके फोन पर कॉल आई या उसने किसी को रिंग किया। इसके लिए फोन की कॉल डिटेल निकलवाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि जरूरत पड़ने पर फोन और लैपटॉप को फोरेंसिक लैब भी भेजा जा सकता है।
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भाई की खुदकुशी के बाद बिलखती बहन
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अमरोहा : बसपा नेता के रिवाल्वर से गोली मारकर बेटे ने जान दी
अमरोहा में बसपा नेता राम अवतार सिंह के बेटे अश्वनी (21) ने लाइसेंसी रिवाल्वर से कनपटी पर गोली मारकर आत्महत्या कर ली। यह रिवाल्वर बसपा नेता का था। घटना के समय बसपा नेता तथा अन्य परिजन मेरठ दवा लेने गए थे। अश्वनी दिल्ली में सीए फाइनल ईयर की पढ़ाई कर रहा था। घटना अमरोहा की आवास विकास प्रथम कॉलोनी की है।
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युवक का फाइल फोटो, खुदकुशी के बाद पहुंची पुलिस और अन्य
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नौगांवा सादात थानाक्षेत्र के नया गांव खंडसाल कलां के मूल निवासी बसपा नेता राम अवतार सिंह इसी कॉलोनी में काफी समय से रहते हैं। वह और पत्नी किरन लता कुछ समय से अस्वस्थ हैं। सोमवार को राम अवतार सिंह अपनी पत्नी, बेटी शिवानी और भाई के बेटे लवलेश के साथ दवा लेने मेरठ गए थे। घर पर बेटा अश्वनी ही अकेला था। परिवार की घर वापसी से पहले ही किसी समय अश्वनी ने पिता के लाइसेंसी रिवाल्वर से गोली मारकर जान दे दी।
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युवक की खुदकुशी के बाद पहुंची पुलिस और अन्य
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परिजनों ने बताया कि सोमवार रात जब मेरठ से लौटे तो मेन गेट (फाटक) भीतर से लॉक था। ताला ऎसा था, जिसे बाहर से भी खोल सकते थे। एक चाबी परिजनों के पास थी। इससे ताला खोलकर सभी छत के रिहायशी भाग में पहुंच गए। बेटे अश्वनी को वहां न देख मान लिया कि वह नीचे गेस्टरूम में सो गया होगा। कुछ समय बाद बेटी शिवानी नीचे पहुंची तो भाई को खून से लथपथ पड़ा देखा। उसके दाएं हाथ के पास पिता का रिवाल्वर पड़ा था।