नवरात्र में शक्ति के प्रमुख स्थलों में दर्शन एवं पूजन का विशेष महत्व है। देश के प्रमुख शक्ति स्थलों में उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले स्थित मां विंध्यवासिनी के पावन धाम में नवरात्र पर देश के कोने-कोने से लोग आते हैं। कोरोना संक्रमण के कारण दो वर्ष बाद शारदीय नवरात्र पर विंध्याचल मेले को लेकर जबरदस्त तैयारी की गई है। नवरात्र के एक दिन पूर्व ही तरह-तरह के पुष्पों से सजा विंध्य दरबार एक अलौकिक छटा बिखेर रहा है। विंध्याचल धाम में पहली बार विदेशी फूलों से सजावट की गई है।
तरह-तरह के देसी- विदेशी पुष्पों की लड़ियों से सजा देवी धाम का भव्य नजारा देख श्रद्धालु विभोर हो रहे हैं। घाट भी जगमग रोशनी से नहा उठे हैं। शारदीय नवरात्र के पूर्व ही संपूर्ण मेला क्षेत्र सजधज कर तैयार हो चुका है। ववीं मेले के प्रबंधों को लेकर मंदिर प्रशासन ने भी पुख्ता प्रबंध कर लिए हैं। कल यानी सोमवार को कलश स्थापन के साथ विंध्याचल मेले का आरंभ हो जाएगा। ऐसे में फूलों से सजा मां का दरबार भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र होगा।
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सजधज कर तैयार आदिशक्ति मां विंध्यवासिनी का दरबार
- फोटो : अमर उजाला
माता विंध्यवासिनी के धाम को पहली बार विदेशी फूलों से सजाया गया है। इसके लिए थाईलैंड के साथ ही देश के अन्य हिस्सों से आकर्षक मनोहारी फूलों को मंगाया गया। कोलकाता से आए कारीगरों ने धाम परिसर में फूलों से सजावट की।
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सजधज कर तैयार आदिशक्ति मां विंध्यवासिनी का दरबार
- फोटो : अमर उजाला
विंध्याचल धाम में पहली बार विदेशी फूलों से सजावट किए जाने को लेकर स्थानीय लोग हर्षित हैं। मंदिर परिसर की ओर जाने वाले मार्गों पर भी जगह-जगह फूल0मालाओं से सजावट की गई है। वहीं श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए कई स्थानों पर बैरीकेडिंग की गई है।
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सजधज कर तैयार आदिशक्ति मां विंध्यवासिनी का दरबार
- फोटो : अमर उजाला
शारदीय नवरात्र के पूर्व ही संपूर्ण मेला क्षेत्र सजधज कर तैयार हो चुका है। शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन के पूर्व ही जिला प्रशासन द्वारा सभी तैयारियों को करीब-करीब पूरा कर लिया गया था। विंध्याचल धाम के साथ ही काली खोह, अष्टभुजा पहाड़ व त्रिकोण मार्ग पर 24 घंटे निर्बाध बिजली की आपूर्ति कराई जाएगी।
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सजधज कर तैयार आदिशक्ति मां विंध्यवासिनी का दरबार
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अखाड़ा घाट, पक्का घाट एवं दीवान घाट पर जिला प्रशासन और स्थानीय संस्था द्वारा दैनिक गंगा आरती का भी आयोजन किया गया है। अमरावती चौराहे से बरतर तिराहे तक करीब 70 फीट चौड़ीकरण के बाद मार्ग बनकर तैयार हो चुका है। कहा गया है कि गंगा घाटों पर जिला प्रशासन द्वारा गोताखोरों और एनडीआरएफ की टीम की निरंतर तैनाती बनी रहेगी। करीब 823 कर्मचारियों के सहारे संपूर्ण मेला क्षेत्र की साफ सफाई व्यवस्था निरंतर होती रहेगी।