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विश्व गौरैया दिवस: कभी अठखेलियां करती नजर आती थी, अब तो दिखती ही नहीं, देखें तस्वीरें

Wed, 20 Mar 2019 02:24 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Wed, 20 Mar 2019 02:24 PM IST
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World sparrow day, Sparrow is fast decreasing in the cities of Uttar Pradesh
गौरैया फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

गौरैया जो कभी गांवों में हैंडपंप पर टपकते पानी से अठखेलियां करती नजर आती थी, कभी दीवार पर लगे आईने में चोंच बजाती थी। चीं चीं करती उस नन्ही गौरैया को देखकर बच्चे किलकारी मारा करते थे। वो गौरैया अब कभी-कभार ही दिखती है। शहर में तो छोड़िए गांवों में भी कम ही नजर आती हैं। हर घर में पाई जाने वाली ये नन्ही चिड़िया तेजी से कम हो रही है। ऐसे में गौरैया को बचाने के लिए पहल नहीं की गई तो वह सिर्फ किस्सा बन रह जाएंगी।

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गौरैया फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

पेड़ों पर भी बनाती हैं घोंसला 
गौरैया छोटे पेड़ों या झाड़ियों में भी घोंसला बनाती है। वह बबूल, कनेर, नींबू, अमरूद, अनार, मेहंदी, बांस, चांदनी आदि पेड़ों को पसंद करती है। लेकिन ये पेड़ भी बहुत कम संख्या में बचे हैं। ऐसे में इन पेड़ों को लगाने की जरूरत है।

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गौरैया फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

20 मार्च को मनाया जाता है विश्व गौरैया दिवस
इसकी लंबाई 14 से 16 सेंटीमीटर होती है। वजन 25 से 32 ग्राम तक होता है। गौरेया अधिकतर झुंड में ही रहती है। भोजन तलाशने के लिए इसका एक झुंड अधिकतर दो मील की दूरी तय करता है। गौरैया की संख्या तेजी से कम हो रही है। ऐसे में इसको बचाने के लिए साल 2010 से हर साल 20 मार्च को विश्व गौरैया दिवस मनाया जाता है।

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गौरैया फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

तेजी से कम हो रही है संख्या
गौरैया का वैज्ञानिक नाम पासर डोमेस्टिकस है। ये खासतौर से एशिया, अमेरिका, यूरोप आदि देशों में पाई जाती है। आज भारत ही नहीं दुनियाभर में गौरैया की संख्या कम हो रही है। शहरी इलाकों में गौरैया की छह तरह की प्रजातियां पाई जाती हैं। इनमें हाउस स्पैरो, स्पेनिस स्पैरो, सिंड स्पैरो, रसैट स्पैरो, डेड सी स्पैरो और ट्री स्पैरो शामिल हैं। इनमें हाउस स्पैरो को गौरैया कहा जाता है। गौरैया को भारत के विभिन्न राज्यों में अलग-अलग नामों से भी पुकारते हैं। गौरैया सामान्य रूप से घरों में घोंसले बनाती है।

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गौरैया फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

ऐसे रखें ध्यान
- गर्मी के दिनों में अपने घर की छत पर बर्तन में पानी भरकर रखें।
- बालकनी, छत और पार्कों में गौरैया को खाने के लिए कुछ अनाज छतों और पार्कों में रखें।
- आजकल बाजार में लकड़ी के चिड़ियों के घर बिक रहे हैं, इनको घर के बाहर सुरक्षित जगह पर लटका सकते हैं।
- गौरैया को कभी नमक वाला खाना नहीं डालना चाहिए, नमक उनके लिए हानिकारक होता है।
- प्रजनन के समय उनके अंडों की सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए।
- आंगन और पार्कों में कनेर, नींबू, अमरूद, अनार, मेहंदी, बांस, चांदनी जैसे पौधे लगाएं।

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