यह संयोग ही है कि मेरठ की बेटी मंदोदरी (मय दानव की पुत्री) का किरदार रामायण सीरियल में मेरठ की दूसरी बेटी ने निभाया था। रामानंद सागर की रामायण में मेरठ निवासी मशहूर अभिनेता और ट्रेजडी किंग भारत भूषण की बेटी अपराजिता भूषण ही रामायण में रावण की पत्नी मंदोदरी बनी थीं।
संयोग: 33 साल बाद सामने आई सच्चाई, मेरठ की बेटी बनी थी रामायण की मंदोदरी, अमर उजाला से साझा कीं यादें
मेरठ की बेटी ने मंदोदरी का किरदार अदा किया था, यह सच्चाई आज 33 साल बाद सामने आई है, क्योंकि इंटरनेट पर गलत जानकारी के कारण आज तक किसी अन्य महिला को करोड़ों दर्शक मंदोदरी मानते रहे। मेरठ के लिए गौरव की बात है कि देशभर को राम की कहानी से परिचित कराने वाले सीरियल रामायण के दो अहम किरदार राम और मंदोदरी मेरठ की धरती पर ही पैदा हुए। अपराजिता ने फोन पर बात कर अपनी जिंदगी से जुड़ी यादें अमर उजाला के साथ साझा कीं।
राम और मंदोदरी का एक शहर से नाता
रामायण की कहानी के अनुसार श्रीराम रावण का वध करते हैं। रावण को मेरठ का दामाद भी माना जाता है, क्योंकि प्रचलित है कि रावण की पत्नी मंदोदरी के पिता मय दानव के नाम पर ही मेरठ बसा। सीरियल में राम का किरदार मेरठ के बेटे अरुण गोविल ने निभाया। उनके शत्रु रावण की पत्नी मंदोदरी का किरदार इसी शहर के मशहूर अभिनेता भारत भूषण की बेटी अपराजिता भूषण ने निभाया।
33 साल बाद सामने आई असली मंदोदरी
लॉकडाउन में सीरियल का पुन: प्रसारण शुरू हुआ और रामायण के किरदार एक बार फिर लाइमलाइट में आए। दर्शक भी इंटरनेट पर इन कलाकारों की कुंडली खंगालने लगे। सीरियल में जब लंका कांड प्रसंग प्रसारित हो रहा था तब लोगों ने रावण और मंदोदरी को भी नेट पर सर्च किया। मंदोदरी के नाम पर एक अन्य महिला का नाम 33 वर्षों से चल रहा था, जो गलत था। अपराजिता भूषण को जब इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने इस तथ्य को स्वयं ठीक कराया। तब लोगों को असली मंदोदरी की जानकारी मिली। नहीं तो अरुण गोविल की तरह अपराजिता भी अब तक देश भर में मेरठ की बेटी के नाम से मशहूर हो चुकी होतीं।
भारत भूषण की पहली पत्नी की संतान हैं अपराजिता
ट्रेजडी किंग मेरठ निवासी अभिनेता भारत भूषण का परिवार मेरठ में रहता था। इनके पिता राय बहादुर की सदर क्षेत्र में कोठी थी। भारत भूषण का विवाह मोतीलाल की बेटी रत्ना भूषण से हुआ था। रत्ना से दो बेटी अपराजिता व अनुराधा का जन्म हुआ। कुछ समय बाद रत्ना चल बसीं, तब बच्चों की देखभाल के लिए भारत भूषण ने शारदा से विवाह किया। बाद में परिवार मुंबई में बस गया। वहीं बेटियों की शिक्षा हुई। कभी कभार परिवार मेरठ आता था।