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आयुष मलिक धर्मांतरण: 'बेटे को बंधक बनाने की बात पूरी तरह गलत', पिता बोले- अदालत में सीसीटीवी और अन्य सबूत दिए
Thu, 17 Sep 2026 10:30 AM IST
Sharukh Khan
अमर उजाला नेटवर्क, शामली
अमर उजाला नेटवर्क, शामली
Published by: Sharukh Khan
Updated Thu, 17 Sep 2026 10:30 AM IST
सार
शामली के आयुष मलिक धर्मांतरण मामले में पिता का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि बेटे को बंधक बनाने की बात पूरी तरह गलत है। उन्होंने कहा कि आयुष के दुकान पर काम करने के दौरान की सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्य अदालत में पेश किए गए हैं। शामली के दवा कारोबारी देवराज मलिक ने छह जून को शहर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि उनके पुत्र आयुष मलिक को शहर की रहने वाली जिम ट्रेनर चांदनी कुरैशी ने प्रेम जाल में फंसाकर धर्मांतरण कराया था।
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आयुष मलिक और चांदनी।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
शामली में धर्म परिवर्तन करने वाले आयुष मलिक को बंधक बनाकर रखने के आरोपों के बीच बुधवार को उसके पिता देवराज मलिक भी हाईकोर्ट में मौजूद रहे। देवराज मलिक ने इन आरोपों को गलत बताया।
देवराज मलिक ने बताया कि अदालत के समक्ष आयुष के दुकान पर काम करने के दौरान की सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्य पेश किए गए हैं। उनका कहना है कि आयुष को बंधक बनाकर रखने की बात पूरी तरह गलत है।
इस मामले में छह जून को देवराज मलिक की ओर से शामली शहर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इसके बाद मामला धर्मांतरण के आरोपों से लेकर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका तक हाईकोर्ट पहुंचा।
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देवराज मलिक ने बताया कि अदालत के समक्ष आयुष के दुकान पर काम करने के दौरान की सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्य पेश किए गए हैं। उनका कहना है कि आयुष को बंधक बनाकर रखने की बात पूरी तरह गलत है।
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इस मामले में छह जून को देवराज मलिक की ओर से शामली शहर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इसके बाद मामला धर्मांतरण के आरोपों से लेकर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका तक हाईकोर्ट पहुंचा।
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आयुष के दोस्त मो. सुल्तान ने याचिका में आयुष को उसके पिता द्वारा अवैध रूप से हिरासत में रखने का आरोप लगाया था। हाईकोर्ट के आदेश पर बुधवार को आयुष को अदालत में पेश किया गया। देवराज का कहना है कि आयुष उसका बेटा है और बेटा ही रहेगा।
यह है मामला
शामली के दवा कारोबारी देवराज मलिक ने छह जून को शहर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि उनके पुत्र आयुष मलिक को शहर की रहने वाली जिम ट्रेनर चांदनी कुरैशी ने प्रेम जाल में फंसाकर धर्मांतरण कराया। प्राथमिकी में चांदनी कुरैशी, उसके पिता इस्लाम कुरैशी और तीन मौलवी समेत आठ लोगों को आरोपी बनाया गया था। पुलिस ने चांदनी कुरैशी और उसके पिता समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चालान किया था।
शामली के दवा कारोबारी देवराज मलिक ने छह जून को शहर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि उनके पुत्र आयुष मलिक को शहर की रहने वाली जिम ट्रेनर चांदनी कुरैशी ने प्रेम जाल में फंसाकर धर्मांतरण कराया। प्राथमिकी में चांदनी कुरैशी, उसके पिता इस्लाम कुरैशी और तीन मौलवी समेत आठ लोगों को आरोपी बनाया गया था। पुलिस ने चांदनी कुरैशी और उसके पिता समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चालान किया था।
कई दिन सोशल मीडिया पर छाया रहा मामला
आयुष मलिक से जुड़ा धर्मांतरण प्रकरण कई दिनों तक सोशल मीडिया पर भी चर्चा में रहा। मामले से जुड़े फोटो, वीडियो और अलग-अलग दावों को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार पोस्ट और चर्चाएं सामने आती रहीं। हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल होने और आयुष को कोर्ट में पेश करने के आदेश के बाद मामला फिर चर्चा में आ गया। बुधवार को हाईकोर्ट में आयुष की पेशी के बाद सोशल मीडिया पर मामले से जुड़े अपडेट साझा किए जाते रहे।
आयुष मलिक से जुड़ा धर्मांतरण प्रकरण कई दिनों तक सोशल मीडिया पर भी चर्चा में रहा। मामले से जुड़े फोटो, वीडियो और अलग-अलग दावों को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार पोस्ट और चर्चाएं सामने आती रहीं। हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल होने और आयुष को कोर्ट में पेश करने के आदेश के बाद मामला फिर चर्चा में आ गया। बुधवार को हाईकोर्ट में आयुष की पेशी के बाद सोशल मीडिया पर मामले से जुड़े अपडेट साझा किए जाते रहे।
आयुष प्रकरण में भ्रामक पोस्ट पर प्राथमिकी
आयुष मलिक प्रकरण में हाईकोर्ट द्वारा शामली पुलिस को फटकार लगाए जाने की भ्रामक सूचना सोशल मीडिया पर प्रसारित करने के आरोप में छह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस के अनुसार एक्स पर करिश्मा अजीज की आईडी, निखत अली की आईडी, द मुस्लिम की आईडी, वसीम अकरम त्यागी की आईडी और सैयद कैफ हसन की आईडी तथा फेसबुक पर नदीम सई की आईडी से भ्रामक पोस्ट प्रसारित की गई।
आयुष मलिक प्रकरण में हाईकोर्ट द्वारा शामली पुलिस को फटकार लगाए जाने की भ्रामक सूचना सोशल मीडिया पर प्रसारित करने के आरोप में छह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस के अनुसार एक्स पर करिश्मा अजीज की आईडी, निखत अली की आईडी, द मुस्लिम की आईडी, वसीम अकरम त्यागी की आईडी और सैयद कैफ हसन की आईडी तथा फेसबुक पर नदीम सई की आईडी से भ्रामक पोस्ट प्रसारित की गई।
हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल होने और आयुष को कोर्ट में पेश करने के आदेश के बाद मामला फिर चर्चा में आ गया। एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित पोस्ट और वीडियो को बिना सत्यापन के आगे न बढ़ाएं। भ्रामक या झूठी जानकारी प्रसारित करने से बचें। किसी भी घटना की सही जानकारी के लिए पुलिस और उसके अधिकृत सोशल मीडिया हैंडल पर भरोसा करें। कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें।
एसपी की अपील
एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित पोस्ट और वीडियो को बिना सत्यापन के आगे न बढ़ाएं। भ्रामक या झूठी जानकारी प्रसारित करने से बचें। किसी भी घटना की सही जानकारी के लिए पुलिस और उसके अधिकृत सोशल मीडिया हैंडल पर भरोसा करें। कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें।
एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित पोस्ट और वीडियो को बिना सत्यापन के आगे न बढ़ाएं। भ्रामक या झूठी जानकारी प्रसारित करने से बचें। किसी भी घटना की सही जानकारी के लिए पुलिस और उसके अधिकृत सोशल मीडिया हैंडल पर भरोसा करें। कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें।
आयुष धर्मांतरण प्रकरण : मो. सुल्तान की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर हाईकोर्ट में हुई सुनवाई
शामली शहर के चर्चित धर्मांतरण प्रकरण में बुधवार को आयुष मलिक हाईकोर्ट में पेश हुए। आयुष को दोस्त बताने वाले मो. सुल्तान की ओर से दाखिल बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई के दौरान आयुष के पिता मेडिकल व्यवसायी देवराज मलिक भी मौजूद रहे।
शामली शहर के चर्चित धर्मांतरण प्रकरण में बुधवार को आयुष मलिक हाईकोर्ट में पेश हुए। आयुष को दोस्त बताने वाले मो. सुल्तान की ओर से दाखिल बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई के दौरान आयुष के पिता मेडिकल व्यवसायी देवराज मलिक भी मौजूद रहे।
शहर के दवा कारोबारी देवराज मलिक ने छह जून को शहर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि संपत्ति हड़पने के लिए उनके पुत्र आयुष मलिक को शहर निवासी जिम ट्रेनर चांदनी कुरैशी ने प्रेम जाल में फंसाकर धर्मांतरण कराया। इस मामले में चांदनी कुरैशी, उसके पिता इस्लाम कुरैशी और तीन मौलवी समेत आठ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई थी।
पुलिस ने चांदनी कुरैशी और उसके पिता समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चालान कर दिया था। इसी मामले में मो. सुल्तान ने अपने को आयुष का दोस्त बताते हुए हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल कर आयुष को उसके पिता द्वारा अवैध रूप से हिरासत में रखे जाने का आरोप लगाया था।
हाईकोर्ट ने राज्य अधिकारियों और देवराज मलिक को आयुष को 16 सितंबर को कोर्ट में पेश करने के आदेश दिए थे। पेश नहीं करने की स्थिति में एसपी और थानाध्यक्ष को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल कर कारण बताने के निर्देश दिए गए थे। पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश पर आयुष मलिक पेश हुआ है।