चौधरी चरण सिंह कांवड़ मार्ग (गंगनहर) में गुरुवार गिरी एचसीएल कंपनी के सॉफ्टवेयर इंजीनियर की कार 65 घंटे बाद एनडीआरएफ की टीम ने निकाल ली। लेकिन कार चला रहे सॉफ्टवेयर इंजीनियर नितिन गुप्ता का कुछ पता नहीं चला। पानी के तेज बहाव में कार को तलाशने में टीम के पसीने छूट गये।
यूपी: गंगनहर में 65 घंटे बाद मिली कार, इंजीनियर का कोई सुराग नहीं
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गुरुवार की रात में नोएडा सेक्टर 126 में स्थित एचसीएल कंपनी में तैनात साफ्टवेयर इंजीनियर फतेहपुर निवासी नितिन गुप्ता (25) की कार रोहटा क्षेत्र में पूठ पुल के पास गंगनहर में गिर गई थी। कार नितिन ही चला रहे थे, वहीं झारखंड निवासी विशाल कुमार, लक्ष्मी नगर दिल्ली निवासी गुरनीक कौर कार के शीशे से निकलकर तैरकर पानी में बाहर आए थे। जबकि कार चालक नितिन का कोई सुराग नहीं लगा था।
तीनों नोएडा से जूम कंपनी से किराये की कार लेकर अपनी एक साथी इंजीनियर नेहा वर्मा को मुजफ्फरनगर में उनके घर पर छोड़ने के लिये गये थे। वापसी के दौरान कार को इंजीनियर नितिन गुप्ता चला रहा था, रात में करीब एक बजे चौधरी चरण सिंह कांवड मार्ग पर पूठ गंगनहर के पुल से आगे व भोला झाल से पहले तो कार अनियंत्रित होकर नहर में जा गिरी थी।
शुक्रवार की सुबह से लेकर शनिवार की देर शाम तक एनडीआरएफ की टीम को गाजियाबाद से बुलाकर पूरे दिन पानी में सर्च अभियान चलाया, लेकिन कोई सुराग नहीं लग पाया था। हालांकि इस दौरान पहली बार जिले में पैंतीस लाख रुपये के सोनार कैमरे से भी ऑपरेशन रेस्क्यू चलाया गया था लेकिन कोई सफलता नहीं मिल पाई। जिसके बाद रविवार की सुबह साढ़े आठ बजे से फिर से सोनार कैमरे से कार व नितिन की तलाश की गई।
एसओ रोहटा उपेंद्र मलिक की सलाह पर टीम ने दोनों बोट के बीच में रस्सी में कांटे फंसा कर दोनों को बराबर नहर में चलाया। इससे पूर्व पुलिस ने जूम कंपनी से आए कर्मी जितेंद्र से कार की अंतिम लोकेशन जीपीएस से ट्रैक करके बताई, जिसके बाद टीम ने दुर्घटनास्थल से चार सौ मीटर आगे तक सर्च अभियान कांटा डालकर चलाया, तो कार कांटे में जिस जगह गिरी थी, उससे करीब 370 मीटर आगे ट्रेस की गई। इसके बाद दो बजे से कार को बाहर निकालने के प्रयास शुरु किये गये और पुलिस ने हाईड्रॉलिक क्रेन मंगाई। शाम छह बजे लगभग चार घंटे के जबरदस्त ऑपरेशन रेस्क्यू के बाद कार को बाहर निकाला गया। कार में पुलिस ने तलाशी ली तो कुछ कागजात दो लैपटॉप, दो मोबाइल मिले लेकिन नितिन का कोई सुराग नहीं मिला।