मेरठ में दरोगा थप्पड़ प्रकरण में चर्चाओं में रही महिला अधिवक्ता ने रविवार शाम फिर एक बार सिविल लाइन थाने में हंगामा किया। फौजी से विवाद के बाद पुलिस अधिवक्ता को थाने लेकर आयी थी। काफी देर तक थाने में हाईवोल्टेज ड्रामा होता रहा। इसके बाद दोनों पक्षों में समझौता हो गया। बाद में पुलिस ने अधिवक्ता को डॉक्टरी के लिए भिजवाया।
सिविल लाइन थाने के मवाना अड्डे पर महिला अधिवक्ता की गाड़ी बैक करते समय एक फौजी की बाइक से टकरा गई। इसको लेकर महिला अधिवक्ता और उसके साथी अधिवक्ता का फौजी से विवाद हो गया। देखते ही देखते हाथापाई शुरु हो गई। इसकी सूचना पाकर सिविल लाइन पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को थाने ले आई।
थाने में जमकर बखेड़ा हुआ। काफी देर तक आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा। इसी बीच सिविल लाइन इंस्पेक्टर भी वहां आ गये। उन्होंने हंगामा कर रहे दोनों पक्षों को शांत कराया और उनसे बात की। इसके बाद दोनों पक्षों में समझौते पर सहमति बन गई। फौजी अपनी बाइक लेकर वहां से लौट गया। जबकि महिला अधिवक्ता और उसके साथी अधिवक्ता को डाक्टरी के लिए जिला अस्पताल भिजवाया गया।
गिड़गिड़ाती रही महिला अधिवक्ता
फौजी से समझौता होने के बाद महिला अधिवक्ता थाने से जाने लगी। तभी वहां मौजूद महिला पुलिसकर्मियों ने उसे पकड़ लिया। इंस्पेक्टर अब्दुर रहमान सिद्दीकी ने महिला और उसके साथी अधिवक्ता को डाक्टरी के लिए जिला अस्पताल ले जाने की बात कही।
जैसे ही महिला पुलिसकर्मी उसे लेकर जीप की ओर बढ़ी महिला अधिवक्ता भविष्य में ऐसा कुछ न करने की बात कहते हुए गिड़गिड़ाने लगी। उसने जीप में बैठने से मना कर दिया। बामुश्किल महिला अधिवक्ता को जीप में बिठाया गया और डाक्टरी के लिए भेजा गया। जिस महिला अधिवक्ता ने रविवार शाम सिविल लाइन थाने में हंगामा काटा, वह पिछले दो माह पहले घटित दरोगा पार्षद पिटाई प्रकरण में भी खासा चर्चाओं में रही थी।