मेरठ जनपद में हस्तिनापुर क्षेत्र के पलड़ा में हुए बवाल के पीछे कुछ लोगों की भूमिका सामने आ रही है। दरअसल, सुबह से ही विशु के मकान पर लोगों की भीड़ जमा होने लगी थी, लेकिन उस समय किसी ने भी इस तरह के बवाल को लेकर बातचीत नहीं की।
काफी संख्या में भीड़ इकट्ठा हो गई और शव को अंतिम संस्कार के लिए लेकर चल दिए। उस समय सभी गमगीन माहौल में थे। जैसे ही मंदिर चौराहे पर पहुंचे तो अचानक भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने बवाल शुरू कर दिया। जिसे नियंत्रित करना पुलिस के लिए किसी चुनौती से कम नहीं रहा।
सूत्रों के अनुसार, भीड़ में कुछ लोग ऐसे शामिल थे, जिन्होंने माहौल भड़काने की साजिश पहले से ही कर रखी थी और गमजदा लोगों को दूसरे समुदाय के प्रति उकसा दिया। पुलिस उन सभी की जानकारी जुटा रही है जो अंतिम संस्कार के समय भीड़ में थे।
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मेरठ पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
इनके खिलाफ हुआ मामला दर्ज
इस मामले में पुलिस ने एसएसआई मुनेशपाल सिंह की तरफ से केस दर्ज कराया है। इसमें बताया कि सुबह करीब 10 बजे 500-600 लोगों की भीड़ विशु के शव को अंतिम संस्कार के लिए लेकर जा रही थी।
इसी बीच भीड़ में शामिल सुमंत, अक्षय, गौरव, गौरियांक, आशीष, मनीष, हर्चित, अनमोल, रोहित उर्फ मंगल, सुमित, सागर, सुशील भड़ाना, राजेश रोहला, अंकित और करीब 150 अज्ञात लोग पुलिस की मौजूदगी में आक्रोशित हो गए।
पुलिस ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने दूसरे समुदाय के घरों के दरवाजे और खिड़कियां तोड़ते हुए पथराव शुरू कर दिया। जब उन्हें नियंत्रित करने की कोशिश की गई तो उन्होंने पुलिसकर्मियों के साथ भी धक्का-मुक्की की। बवाल करने वालों के खिलाफ धारा 147, 148, 332, 353, 435, 336 और 427 के तहत केस दर्ज किया गया है।