घर के अंदर पति-पत्नी के शव देख लोगों का दिल दहल गया। लोगों ने बताया कि पांच माह की गर्भवती शीबा का पति शाहवेज के साथ कई महीने से विवाद चल रहा था। करीब सात माह पहले भी उसने लिसाड़ीगेट पुलिस से पति की शिकायत की थी। तब पुलिस उसे थाने ले गई, लेकिन बाद में छोड़ दिया। करीब सात दिन पहले भी शीबा ने थाने में शिकायत की, लेकिन पुलिस ने गंभीरता से नहीं लिया।
तीन जिंदगियां खत्म: खून से लथपथ थी शीबा की लाश, तार से बंधे शरीर पर थे कैंची के कई वार, 'खूनी-हथौड़ा' देख सिहर उठे लोग
मक्का मदीना में शाहवेज ने की थी पांच वर्ष तक खिदमत
पड़ोसियों ने बताया कि शाहवेज ने मक्का-मदीना में करीब पांच साल तक हाजियों की खिदमत करने के बाद मेरठ लौटा था। इस वारदात के बाद सब अवाक थे। कई लोगों ने कहा कि इस पर विश्वास नहीं किया जा सकता कि पत्नी की हत्या के बाद शाहवेज ने आत्महत्या कर ली।
बड़ा सवाल
गले में फंदा, जमीन पर टिके थे पैर
रसोई के अंदर शाहवेज फंदे पर लटका था और उसके पैर जमीन पर टिके हुए थे। यह देख कई लोग चौंक गए। सीओ अरविंद चौरसिया ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही इस संबंध में कुछ कहा जा सकता है।
ये है पूरी घटना
मेरठ जनपद के समर गार्डन में परचून की दुकान चलाने वाले शाहवेज (35) ने शुक्रवार को पांच माह की गर्भवती पत्नी शीबा की हत्या कर दी। नफरत की आग में जल रहे शाहवेज ने पत्नी के सिर में हथौड़े से वार किए और कैंची घोंपकर मार डाला। बाद में खुद भी घर की रसोई में फांसी के फंदे पर झूल गया।
लिसाड़ी गेट थाना पुलिस ने बताया कि समर गार्डन कॉलोनी निवासी शाहवेज के परिजन रोजा इफ्तारी के समय घर पहुंचे तो अंदर शीबा का लहूलुहान शव पड़ा था। उसके शरीर पर बिजली का तार भी लिपटा था। अंदर रसोई में शाहवेज का शव भी फंदे पर झूल रहा था।