मेरठ के एक गांव में शुक्रवार को दिन निकलते ही बड़ी वारदात को अंजाम दिया गया। हिस्ट्रीशीटर एक लाख के इनामी ने अपने साथियों के साथ मिलकर ताबड़तोड़ फायरिंग की, जिसमें लॉ के छात्र की छह गोली लगने से मौत हो गई। छात्र की हत्या से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
एक लाख के इनामी बदमाश सनी काकरान और एक लाख के इनामी अतुल ने पूरी प्लानिंग से वारदात को अंजाम दिया। वो प्रयाग के साथ उसके भाई मयंक की भी हत्या के इरादे से आए थे। सनी और उसके साथियों ने घर में घुसते ही गोलियां चलानी शुरू कर दी।
उस समय प्रयाग की भाभी शिखा रसोई में काम रही थी। गोलियों की आवाज सुनकर शिखा बड़े बेटे शिवांश को लेकर कमरे में घुस गई। गेट बंद कर लिया। छोटा बेटा कमरे में सोया हुआ था। वह गोलियों की आवाज से डरकर चारपाई के नीचे छिप गया। हमलावरों ने प्रयाग को सात गोलियां मारी।
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जांच करती टीम।
- फोटो : amar ujala
प्रयाग के जमीन पर गिरने के बाद बदमाश मयंक को मारने दौड़े तो वह दीवार कूदकर खेतों की तरफ भाग गया। इस दौरान शिखा चीखती-चिल्लाती रही लेकिन गांव का कोई व्यक्ति बचाने नहीं आया। हमलावर हथियार लहराते हुए कार से फरार हो गए। ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि वारदात से पहले एक कार प्रयाग के घर के बाहर आकर रुकी। इसके बाद कार को गली से वापस मोड़कर लाया गया।
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गोली का निशानष
- फोटो : amar ujala
कार से सनी और उसके दो साथी अतुल और संदीप नीचे उतरे और घर में घुस गए। इसके बाद गोलियों की आवाज सुनाई देने लगी। प्रयाग की भाभी शिखा ने बताया कि उसने बड़े बेटे को लेकर कमरे का दरवाजा बंद कर लिया। प्रयाग को गोली मारने के बाद हमलावर चिल्ला रहे थे कि इसके भाई को भी मार दो।
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पराग का फाइल फोटो।
- फोटो : amar ujala
मयंक ने बताया कि उसने आठ फुट ऊंची दीवार कूदकर किसी तरह जान बचाई। ग्रामीणों ने मंदिर गए प्रयाग के पिता को जानकारी दी तो वे घर पहुंचे। गोलियां लगने के बाद प्रयाग लहूलुहान पड़ा था। उसके छाती, पेट, कमर, पैर और गर्दन पर सात जगह गोलियां लगी थी। इसके बाद परिजन और ग्रामीण प्रयाग को उठाकर अस्पताल ले गए।
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जांच करती पुलिस।
- फोटो : amar ujala
न्यूटिमा अस्पताल में उसे वेंटीलेटर पर रखा गया लेकिन कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि प्रयाग मेरठ कॉलेज से एलएलबी कर रहा था। उसका फाइनल ईयर था। शाम को गांव में प्रयाग का अंतिम संस्कार कर दिया गया।