यूपी बोर्ड के तहत होने वाली प्रायोगिक परीक्षाएं रविवार से शुरू हो रही हैं। यह परीक्षाएं 13 जनवरी 2019 तक चलेंगी। हालांकि मेरठ जिले के अधिकांश विद्यालयों की प्रयोगशालाओं की स्थिति खराब है। ऐसे में सवाल खड़ा हो रहा है कि प्रायोगिक परीक्षाएं किस तरह से संपन्न होंगी।
यूपी बोर्ड की परीक्षाएं सिर पर, मगर कैसे होंगे प्रैक्टिकल, प्रयोगशाला में नही हैं केमिकल
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राजकीय इंटर कॉलेज की रसायन विज्ञान और एनएएस इंटर कॉलेज की भौतिक विज्ञान की प्रयोगशाला की स्थिति ज्यादा अच्छी नहीं है। जहां रसायन विज्ञान की प्रयोगशाला में केमिकल खुले पड़े हैं, परखनली गिनती की हैं और प्रयोग करने के लिए केमिकल गायब हैं, वहीं भौतिक विज्ञान की प्रयोगशाला के उपकरणों को भी जंग लगा हुआ है। उपकरण भी सारे नहीं हैं, गिनती के ही हैं। यह स्थिति शहर और देहात के कई अन्य विद्यालयों की भी है।
परीक्षा में आनाकानी करने वाले किए जाएंगे डिबार
इंटरमीडिएट की प्रयोगात्मक विषयों में निर्धारित पूर्णांक में से 50 प्रतिशत अंक आंतरिक परीक्षा द्वारा और 50 प्रतिशत अंक बाह्य परीक्षक द्वारा देय होंगे।
इसी तरह व्यक्तिगत परीक्षार्थियों के लिए जो विद्यालय प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए केंद्र निर्धारित किए जाएंगे, उन विद्यालयों से संबंधित विषयों के अध्यापक 50 प्रतिशत अंक आंतरिक मूल्यांकन व्यवस्था केअंतर्गत प्रदान किए जाएंगे। शेष 50 प्रतिशत अंक बाह्य परीक्षक द्वारा दिए जाएंगे। जो भी विद्यालय प्रायोगिक परीक्षा कराने में आनाकानी करेगा उसे तीन साल के लिए डिबार किया जाएगा।
प्रायोगिक परीक्षाएं संपन्न कराने के लिए जरूरी चीजें मुहैया कराने को संबंधित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए गए हैं। अगर कहीं लापरवाही पाई जाती है तो कार्रवाई की जाएगी। - गिरिजेश चौधरी, डीआईओएस
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