युवाओं के लिए वर्ष 2018 उपलब्धियों भरा रहा। जनपद शामली के युवाओं ने अपनी मेहनत से बुलंदियों को छुआ। कोई फ्लाइंग आफिसर बना, तो कोई वैज्ञानिक। किसी ने पढ़ाई में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। उन्होंने न केवल अपने गांव परिवार बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन किया। आगे जानें इनकी कामयाबी की कहानी :-
इबारत 2018: पश्चिमी यूपी की प्रतिभाओं ने भरी कामयाबी की उड़ान, इनके सिर सजा सफलता का ताज
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किसान की बेटी बनी इसरो में वैज्ञानिक : ताजपुर सिंभालका निवासी एक साधारण किसान सत्यवीर सिंह की बेटी प्रिया ने शामली के सरस्वती विधा मंदिर इंटर कालेज से इंटर किया। इसके बाद मुरादनगर से बीटेक किया। उसके मन में बचपन से ही देश के लिए कुछ करने की इच्छा थी। वो बड़ी वैज्ञानिक बनना चाहती थी। इसके लिए प्रयास किया। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन द्वारा आयोजित लिखित परीक्षा के बाद उसका चयन तीन महीने पूर्व ही वैज्ञानिक पद पर हुआ। परिवार, गांव और जिले के लिए ये बड़ी उपलब्धि है।
सृष्टि ने फ्लाइंग ऑफिसर बनाकर भरी उड़ान
कैराना कस्बे के मोहल्ला राजेंद्र कालोनी निवासी सृष्टि ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से बीएससी की थी। सिर से पिता का साया उठने के बाद भी उसने हार नहीं मानी। सहकारी समिति में एकाउंटेंट उनकी मां बाला देवी ने भी बेटी को पूरा सहयोग दिया। 2017 में उन्होंने फ्लाइंग ऑफिसर के लिए प्रवेश परीक्षा दी थी। इसके बाद जुलाई 2017 में चयन होने के बाद हैदराबाद के डुंडीगल स्थित एयरफोर्स एकेडमी में एक साल का प्रशिक्षण पूरा किया और फ्लाइंग आफिसर बनकर परिवार का नाम रोशन किया। श्रृष्टि ने दिखाया कि बेटियां भी किसी से कम नहीं हैं।
उमेश बना फ्लाइंग आफिसर
मोहल्ला बड़ी आल निवासी नरेंद्र कुमार मित्तल के बेटे उमेश ने एयरफोर्स में फ्लाइंग ऑफिसर बनकर शहर और परिवार का नाम रोशन किया है। उमेश का बचपन से ही फाइटिंग फोर्स में जाने का इरादा था। कानपुर से बीटेक की। वो चाहता था कि विश्व में इंडिया सुपर पावर बने और इसमें उनका भी योगदान रहे। 2017 में फ्लाइंग आफिसर बनने की परीक्षा दी चयन हुआ और एक साल की ट्रेनिंग के बाद इस साल उन्होंने फ्लाइंग ऑफिसर बनकर देश सेवा करने का संकल्प लिया। मेहनत की और मुकाम हासिल किया।
आयुषि ने एमएससी में की डीयू टॉप
कैराना कस्बा निवासी अधिवक्ता मनोज कुमार हाल निवासी शामली रोड की बेटी आयुषि गुप्ता ने बीएससी में दिल्ली विश्वविद्यालय से कालेज टाप किया था। इसके बाद 2018 में एमएससी में उसने दिल्ली टॉप करके अपने परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया। यूनिवर्सिटी आडीटोरियम में 19 नवंबर 2018 को 95वें दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति ने आयुषि को गोल्ड मेडल की उपाधि से सम्मानित किया था।
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