मेरठ के कंकरखेड़ा में हाईवे पर सड़क हादसे में हुई ब्रह्मपुरी निवासी संजय जैन के इकलौते बेटे ऋषभ जैन की मौत पर परिवार और रिश्तेदारों में मातम छाया हुआ है। इकलौते बेटे के शव से लिपटकर मां मीनू जैन और बहन चुनमुल जैन रोती बिलखती रही। ऋषभ जैन केंद्रीय सह प्रचार प्रमुख आलोक कुमार का भांजा था।
Meerut: बुझ गया घर का इकलौता चिराग, शव से लिपटकर रोती रहीं मां और बहन, दर्दनाक था हादसा, तस्वीरें
सड़क हादसे में ऋषभ की मौत होने के बाद परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया था। इसके बाद बुधवार रात को ही परिजन शव को घर लेकर आ गए थे। बृहस्पतिवार सुबह जैसे ही लोगों को घटना के बारे में पता चला तो उन्होंने घर पर पहुंचकर सांत्वना दी। बहन चुनमुल की जैसलमेर में पोस्टिंग होने के चलते उन्हें मेरठ में पहुंचने में समय लगा। इसलिए शाम को अंतिम संस्कार किया गया। उत्तर प्रदेश सहकारी उपभोक्ता संघ के चेयरमैन संजीव गोयल सिक्का का भी ऋषभ रिश्ते में भांजा लगता था। वह भी इस घटना के बाद से काफी परेशान हैं।
बुझ गया घर का इकलौता चिराग
ऋषभ की मौत होने से घर का इकलौता चिराग भी बुझ गया। ऋषभ की एक बहन चुनमुल जैसलमेर में आर्मी में आईईएस पद पर तैनात है। उनकी शादी दो साल पहले बिजनौर में हुई थी। उनको बृहस्पतिवार सुबह फोन पर इस घटना के बारे में जानकारी दी गई तो वह आनन-फानन में मेरठ पहुंची। बहन का रो-रोकर बुरा हाल था।
बीआईटी कॉलेज से दो साल पहले किया था बीटेक सिविल
ऋषभ पढ़ने में काफी होशियार था। उसने परतापुर बाईपास स्थित बीआईटी कालेज से बीटेक सिविल की पढ़ाई दो साल पहले पूरी की है। इसके बाद ऋषभ की गौतमबुद्धनगर विश्वविद्यालय में जेई के पद पर नौकरी लग गई थी। करीब दो महीने पहले नौकरी छोड़कर ऋषभ मेरठ आ गया था। अब बिजनेस शुरू करने का प्लान तैयार कर रहा था।
ऋषभ के जाने से हम तो बर्बाद हो गए
ऋषभ के पिता संजय जैन इंडियन बैंक में हेड कैशियर के पद पर कार्यरत हैं। बेटे की मौत से वह सकते में आ गए। सांत्वना देने पहुंचे लोगों से पिता एक ही बात बोल रहे थे कि उनका सब कुछ बेटा ही था, अब वह बर्बाद हो गए। अब मैं ऋषभ को कहां से लेकर आऊं।