पहाड़ों पर हुई बारिश के बाद शनिवार को गंगा, कोटावाली और मालन नदी का जलस्तर बढ़ गया है। गंगा का पानी गांव रावली और ब्रहमपुरी तक पहुंच गया है। कोटावाली नदी के रपटे पर पानी के तेज बहाव में दो ट्रक फंस गए। इनके फंसने और मलबा बहकर आने से करीब नौ घंटे यहां यातायात प्रभावित रहा।
बताया गया कि बिजनौर बैराज पर खतरे का निशान 220 मीटर पर है। शनिवार शाम छह बजे यहां गंगा 219.70 मीटर पर बह रही थी। हरिद्वार के भीमगौडा बैराज से डेढ़ लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, गंगा का जलस्तर अभी और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। इसके चलते प्रशासन सतर्क हो गया है।
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बाढ़ जैसे हालात।
- फोटो : amar ujala
बढ़ा गंगा का जलस्तर, तटबंध हुए क्षतिग्रस्त
पिछले 24 घंटों से पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश से गंगा का जलस्तर अचानक बढ़ गया है। कई स्थानों पर कच्चे तटबंध के टूटने का खतरा भी बढ़ गया है, जिसे दुरुस्त करने के लिए ग्रामीण जुटे हैं। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने गंगा के आसपास के गांव के लोगों को अलर्ट किया है।
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गंगा में जलस्तर बढ़ा।
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बिजनौर बैराज पर तैनात अवर अभियंता पीयूष कुमार ने बताया कि खादर क्षेत्र के फतेहपुर प्रेम गांव के समीप 24 घंटे से गंगा का कटान चल रहा था। जिसे रोकने के लिए स्थानीय ग्रामीण संत बाबा मुख्तार सिंह भूरी वालों के नेतृत्व में जुटे हुए हैं। बाबा मुख्तार सिंह ने बताया कि यहां पर बल्ली और मिट्टी के कट्टे लगाकर कच्चे तटबंध की सुरक्षा की जा रही है। कई और स्थानों पर भी तटबंध क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
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बाढ़ जैसे हालात।
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अलर्ट पर बाढ़ चौकियां
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार खादर क्षेत्र में बनाई गई बाढ़ चौकियों पर लेखपालों की तैनाती की गई है। हर स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं हरिद्वार के भीमगौडा बैराज से भी संपर्क साधकर गंगा के जलस्तर बढ़ने घटने की जानकारी ली जा रही है।
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गंगा पुल पर कटान हुआ तेज।
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तटबंध पर पहुंची पुलिस
गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए खादर क्षेत्र के लोगों की सुरक्षा के लिए दरोगा अरुण चौधरी ने भी फतेहपुर प्रेम गंगा घाट क्षतिग्रस्त तटबंध पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।