एडीएम वित्त और एसपी सिटी के नेतृत्व में सोतीगंज और गंज बाजार में बृहस्पतिवार को वाणिज्य कर विभाग की 20 सदस्यीय चार टीमों ने चार कबाड़ियों के प्रतिष्ठानों पर एक साथ छापे मारे। इस दौरान प्रारंभिक तौर पर करीब 3.40 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी पकड़ी गई। टीम के अफसरों ने मौके से खरीद और बिक्री का रिकॉर्ड जब्त कर लिया। दो कबाड़ियों (कारोबारियों) का रजिस्ट्रेशन पंजीकृत नहीं पाया गया।
वाणिज्य कर विभाग के ज्वाइंट कमिश्नर धीरेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार स्पेशल इंवेस्टीगेशन ब्रांच (एसआईबी) और सचल दल की टीमों को इनपुट मिला था कि सोतीगंज के कई कबाड़ी टैक्स चोरी कर रहे हैं। जिस पर अफसरों को इसकी पड़ताल में लगाया गया। जांच में स्पष्ट हुआ कि हाजी मुस्ताक अहमद और अली टायर एंड एलॉय व्हील द्वारा टैक्स चोरी की जा रही है। विभागीय जांच में सामने आया कि दोनों की फर्म पंजीकृत हैं। लेकिन उनके द्वारा टैक्स चोरी की जा रही है।
जांच टीम ने बताया कि पप्पू मार्ट्स स्पेयर पार्ट्स और मुल्ला जी शमशेर टायर नाम की फर्म पर भी भारी टैक्स चोरी की जा रही है। पड़ताल के बाद विभाग ने डीएम समीर वर्मा को इसकी जानकारी देते हुए फोर्स मांगी। जिस पर जिला प्रशासन की तरफ से एडीएम वित्त गौरव वर्मा और एसपी सिटी आलोक प्रियदर्शी के साथ बृहस्पतिवार दोपहर 12 बजे संयुक्त छापामारी शुरू की गई, जो करीब सवा घंटे तक चली।
ज्वाइंट कमिश्नर ने बताया कि डिप्टी कमिश्नर विनोद कुमार गुप्ता और अभय शुक्ला के अलावा सहायक कमिश्नर विजय सोनी और पवन कुमार के नेतृत्व में दो-दो टीमें गठित की गई थीं। कार्रवाई के दौरान पूछताछ में संबंधित व्यापारी (कबाड़ी) खरीद और बिक्री का हिसाब ठीक से नहीं दिखा पाए। खासकर खरीद का ब्यौरा कहीं पर नहीं था।
अगर किसी के पास था तो सिर्फ नए पार्ट्स का। क्योंकि चारों प्रतिष्ठानों पर नया व पुराना माल बेचा जा रहा है। अगर कोई कबाड़ी पुराना सामान बेचता है तो उसे भी बिल से खरीदना होगा और बिल से बेचना होगा। वैसे भी पुरानी गाड़ियां आदि नीलामी के जरिये ही खरीदे जाने की व्यवस्था है। अली टायर की तरफ से कैश मीमो और टैक्स इन्वायस दिखाई गई। लेकिन उन पर कोई सीरियल नंबर नहीं था। किसी-किसी पर तो हाथ से ही लिखा हुआ था।