मेरठ के छावनी क्षेत्र से संदिग्ध ई-रिक्शा चालक अल्ताफ की गिरफ्तारी के बाद जिले के विभिन्न स्थानों पर झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले संदिग्ध लोग रडार पर आ गए हैं। लिसाड़ीगेट थाना क्षेत्र की आशियाना कालोनी में मंगलवार को खुफिया विभाग और लिसाड़ी गेट पुलिस जांच के लिए पहुंची। जहां लोगों के आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों की पड़ताल की गई। वहीं पुलिस का कहना है कि संदिग्ध अल्ताफ के बैंक खाते की भी जांच की जाएगी-
अल्ताफ के बैंक खाते की होगी जांच, दो हजार झुग्गियों में संदिग्धों की तलाश, शासन ने मांगी जानकारी
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जिले में दो हजार से ज्यादा झुग्गी-झोपड़ियां बताई जाती है। इनमें शहर के हापुड़ रोड, लिसाड़ी गेट और खरखौदा क्षेत्र में अधिकांश झुग्गी झोपड़ियां बताई जाती हैं। दावा यह किया जाता है कि इनमें पश्चिम बंगाल और असम के लोग रहते हैं, जो कबाड़ बीनकर गुजारा करते हैं।
खुफिया विभाग को जानकारी मिली है कि कुछ संदिग्ध बांग्लादेशी आशियाना कॉलोनी में रह रहे हैं। उन्होंने गलत जानकारी देकर अपने आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज भी बनवा लिए हैं। सूचना यह भी है कि पूर्व में दो जगह आगजनी में 400 से अधिक झुग्गियां राख हो गई थीं। कुछ लोगों का स्थायी पता नहीं है। उसके बाद फर्जी तरह से आधार कार्ड बनवा लिए गए।
शासन ने मांगी जानकारी
बताया गया कि शासन ने संदिग्ध बांग्लादेशियों की जानकारी मांगी तो इंटेलीजेंस, एलआइयू और पुलिस सक्रिय हुई। सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला का कहना है कि असम या अन्य स्थानों के जो लोग रह रहे हैं उनका सत्यापन किया जा रहा है।
कहीं हनी ट्रैप से तो नहीं जुड़े तार
ई-रिक्शा चालक के मोबाइल में जिस तरह से अश्लील फोटो, वीडियो और अशलील साइट के लिंक मिले हैं, उससे पुलिस हनी ट्रैप की तरफ भी जांच कर रही है। कहीं गोपनीय जानकारी लेने के लिए इनका सहारा तो नहीं लिया जा रहा था।
एनआईए ने की थी छापेमारी
26 दिसंबर 2018 को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने वेस्ट यूपी के कई जिलों में छापामारी की थी। जांच में सामने आया कि वेस्ट यूपी में कई संदिग्ध लोग पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े हैं।
एटीएस और एनआईए लगातार जांच करती रहीं। इनपुट के आधार पर आईएसआई का निशाना दिल्ली एनसीआर और वेस्ट यूपी के जिले थे। जिसके बाद राधना गांव के अलावा, मुंडाली, परीक्षितगढ़, किठौर में आधा दर्जन युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। अमरोहा और हापुड़ में भी दबिश दी गई।