स्टूडेंट्स ने प्लास्टिक के खिलाफ चलाई मुहिम, जूट बैग बांटकर किया जागरुक, देखें तस्वीरें
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सत्यकाम इंटरनेशनल स्कूल के स्टूडेंट्स ने उठाया बीड़ा
प्लास्टिक के खतरों को देखते हुए अब स्कूली बच्चों ने प्लास्टिक और पॉलिथीन के खिलाफ लोगों को जागरुक करने की पहल की है। मेरठ के सत्यकाम इंटरनेशनल स्कूल के छात्र-छात्राएं इसी क्रम में जूट बैग बांटकर लोगों को प्लास्टिक के खतरों से रूबरू करा रहे हैं। स्कूल की दो छात्राओं ने अमर उजाला के दफ्तर पहुंचकर अपनी इस मुहिम के बारे बताया और अपने विचार साझा किए।
जूट बैग देकर लोगों काे कर रहे जागरुक
छात्राओं के अनुसार 14 जुलाई 2018 को स्कूल के सभी बच्चों द्वारा यह पहल की गई है जिसमें वे जूट, कपड़े और पेपर से बने बैग बांटकर लोगों को जागरुक कर रहे हैं। यही नहीं, स्कूल के स्टूडेंट्स प्लास्टिक के लंचबॉक्स और थर्मस आदि को इस्तेमाल न करने का प्रयास भी शुरू कर दिया है। नर्सरी व अन्य छोटी कक्षाओं के किड्स को भी प्लास्टिक की जगह स्टील आदि से बने लंचबॉक्स लाने के लिए कहा गया है।
हमें खुद करनी होगी पहल
कक्षा 12 की छात्रा शिरिन के मुताबिक प्लास्टिक हमारे जीवन के लिए बहुत खतरनाक है, इससे अनेक प्रकार की बीमारियों का खतरा है। प्रदूषण के चलते धरती का चप्पा-चप्पा मैला हो रहा है और पर्यावरण की 'सेहत' बिगड़ रही है। स्वच्छता जागरूकता और इंतजामों के तमाम दावे हैं लेकिन शहर में चाहे जिधर देखो, गंदगी का अंबार लगा मिलेगा। ऐसे में बड़ों के साथ-साथ बच्चों को भी जागरुक होने की जरूरत है।
प्लास्टिक को कहें 'न'
स्टूडेंट्स का मानना है कि हमें प्लास्टिक के तीन फैक्टर्स रिडयूस रिसाईकिल और रियूज के साथ साथ पांचवे फैक्टर रिफ्यूज पर भी काम करना होगा और इसे फॉलौ करना होग।कक्षा आठ की छात्रा आस्था मानती हैं कि लोगों पॉलीथिन की जगह जूट व कपड़े के बैग इस्तेमाल करने चाहिए। हमें दूसरे लोगों भी प्लास्टिक के खतरे बताने चाहिए और हमारी कोशिश है कि आस-पास भी सभी को इसके लिए जागरुकता दिखाएं।
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