मेरठ में हर्ष फायरिंग पर हाईकोर्ट ने भले ही सख्त रुख अपनाया हो, लेकिन समाजवादी पार्टी के नेता और एससी-एसपी आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। हाल ही में बेटे की शादी में नेता जी ने पहले तो खुद कई राउंड फायरिंग किए, जब पिस्टल नहीं चली तो सेहरा पहने बेटे हिमांशु को थमा दी।
सपा नेता ने बेटे संग धांय-धांय कर हवा में उड़ाए हाईकोर्ट के आदेश, अब पीछे लगी तीन थानों की पुलिस
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हर्ष फायरिंग में कई लोगों की जान जा चुकी है। हाईकोर्ट भी संज्ञान ले चुका है। इसके बावजूद मुकेश सिद्धार्थ जैसे समाज के जिम्मेदार लोगों पर कोई फर्क नहीं पड़ रहा है।
बेटे की शादी में उन्होंने बेअंदाज होकर हर्ष फायरिंग की। कानून का कोई खौफ नहीं है, क्योंकि वह इससे पार पाने के रास्ते जानते हैं। तभी हाईकोर्ट के आदेशों की धज्जियां उड़ाते रहे। यह भी नहीं सोचा कि बरात में बच्चे भी रहे होंगे, उन पर क्या असर पड़ा होगा।
...और बेटे की भुजाएं भी फड़फड़ा उठीं
मुकेश ने हर्ष फायरिंग शुरू की तो शादी का सेहरा पहने बैठे बेटे हिमांशु की भुजाएं भी फड़फड़ा उठीं। वह भी खुद को नहीं रोक सका। दोनों पिता-पुत्र सरेआम गोलियां चलतो रहे। वीडियो में दोनों को गोली चलाता देखकर पुलिस अधिकारी भी हैरान हैं।
आननफानन में दोनों पिता-पुत्र पर केस दर्ज कराया। हालांकि उनकी गिरफ्तारी की कोई कोशिश नहीं हुई। पुलिस का दावा है कि लाइसेंस निरस्तीकरण की रिपोर्ट तैयार कर ली है। जिसे डीएम के पास भेजा जाएगा।
कुछ दिन पहले ही आईजी प्रवीण कुमार ने हर्ष फायरिंग पर हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन न होने पर थानेदारों की क्लास लगाई थी। वहीं इस घटना से थानेदारों की सक्रियता की भी पोल खुल गई।
शादी 30 जनवरी को थी, भला हो वहां मौजूद कुछ लोगों का, जिन्होंने वीडियो बनाया और वायरल कर दिया। नहीं तो पता भी नहीं चलता कि हर्ष फायरिंग हुई भी थी या नहीं। आखिर पुलिस को उसी दिन क्यों पता नहीं चला, इसका जवाब किसी के पास नहीं है। अब मामले ने तूल पकड़ा तो दोनों की गिरफ्तारी के लिए तीन थानों की पुलिस ताबड़तोड़ दबिश दे रही है।
सपा नेता का विवादों से पुराना नाता
यह पहला मामला नहीं है जब सपा नेता इस तरह कानून को हाथ में लेते नजर आए हों। इससे पहले भी वह कानून को ठेंगा दिखा चुके हैं। एससी-एसपी आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष और सपा नेता मुकेश सिद्धार्थ का विवादों से पुराना नाता है।
सपा सरकार के दौरान डग्गामार बसों को लेकर भी वह चर्चाओं में रहे। उनकी पत्नी हस्तिनापुर की ब्लॉक प्रमुख हैं तो बेटे ने फलावदा से राजनीति में हाथ आजमाने की कोशिश की हालंकि उसे यहां से टिकट नहीं मिल सका था। चुनाव के दौरान भी फायरिंग की घटना हुई थी। पुलिस अब हर्ष फायरिंग के साथ साथ सपा नेता का पुराना रिकॉर्ड भी खंगाल रही है।