तेल प्रकरण में मेरठ के अफसरों की भूमिका की जांच कर रही स्पेशल इंवेस्टिगेटिंग टीम (एसआईटी) मंगलवार को गणपति पेट्रो और पारस केमिकल फैक्टरी पहुंची। दोपहर से लेकर शाम तक अफसरों को तलब कर तीन माह की रिपोर्ट ली। 20 अगस्त को मेरठ में पकड़े गए 2.20 लाख लीटर मिलावटी तेल/केमिकल के मामले में गृह मंत्रालय के निर्देश पर शासन स्तर से एसआईटी का गठन किया गया है।
तेल का खेल: एसआईटी ने अफसरों को किया तलब, इन अहम बिंदुओं पर जुटाई जानकारी
एसआईटी में शामिल एडीजी इंटेलीजेंस एसबी शिरोडकर, आईजी एसटीएफ अमिताभ यश और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी खाद्य एवं रसद आयुक्त मनीष चौहान ने दोनों फैक्टरियों में जांच और मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों से पूछताछ की। कितने भूमिगत टैंक हैं? ड्यूटी की क्या स्थिति है? कैसे ड्यूटी लगाई गई थी? आदि बिंदुओं पर जानकारी ली।
इसके बाद अधिकारी रुड़की रोड स्थित छठी वाहिनी पीएसी के अतिथि गृह पहुंचे। गणपति पेट्रो और पारस केमिकल फैक्टरी के मालिक, पेट्रोल पंप एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश जैन और आठ अन्य व्यक्तियों के बयान दर्ज किए।
वहीं छापा मारने में शामिल इंस्पेक्टर प्रशांत कपिल, आशुतोष कुमार और आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के भी बयान लिए। आईजी आलोक सिंह, डीएम अनिल ढींगरा, एसएसपी अजय साहनी, एडीएम सिटी अजय तिवारी, एसपी सिटी एएन सिंह, सीओ ब्रह्मपुरी चक्रपाणि त्रिपाठी और इंस्पेक्टर परतापुर से भी बात की।
इसके अलावा सैंपल की रिपोर्ट, एफआईआर की कॉपी लेने के साथ विवेचकों से भी बात की। शासन द्वारा गठित एसआईटी मेरठ के अफसरों की भूमिका की जांच कर रही है।
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