मेरठ से सटे हस्तिानापुर कस्बे की सिविल लाइन में स्थित सहकारी संघ लिमिटेड की बिल्डिंग में प्रशासनिक अधिकारियों को गुरुवार को करीब 70 साल पुराने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले थे। शुक्रवार को एसडीएम अंकित कुमार के नेतृत्व में दूसरे दिन पुराने दस्तावेजों की तलाश की गई, जिनमें कई महत्वपूर्ण हस्तिनापुर से जुड़े प्राचीन दस्तावेज प्राप्त हुए हैं जिसकी अभी तक ऐतिहासिक नगरी के लोगों को भी जानकारी नहीं थी।
धूल फांक रही थी फाइलें: हस्तिनापुर में मिले 70 साल पुराने दस्तावेज, ऐतिहासिक नक्शा भी मिला
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1994 में नगर पंचायत की स्थापना हुई थी। जबकि पंडित जवाहरलाल नेहरू ने 6 फरवरी 1949 को हस्तिनापुर को विकसित करने के लिए इसकी आधारशिला रखी थी इसके बाद यहां पर हस्तिनापुर में सेटलमेंट बोर्ड बनाया गया। हस्तिनापुर से जुड़े सभी दस्तावेज इसी बोर्ड ऑफिस में रखे गए धीरे-धीरे यह बोर्ड सहकारी संघ में तब्दील हो गया और 1994 में नगर पंचायत की स्थापना कर दी गई लेकिन नगर पंचायत के पास हस्तिनापुर से जुड़े वह प्राचीन दस्तावेज नहीं थे जिसकी जरूरत थी।
किसी को इस बात का पता नहीं था कि सेटलमेंट बोर्ड के पुराने कार्यालय में हस्तिनापुर से जुड़े दस्तावेज रखे हैं। करीब 70 वर्ष बाद जब इन दस्तावेजों की जानकारी प्रशासनिक अधिकारियों को लगी तो तुरंत इसकी जांच शुरू की गई। इसके लिए जिलाधिकारी दीपक मीणा ने एक जांच कमेटी बनाई जिसमें एसडीएम अंकित कुमार के नेतृत्व में दस्तावेजों की जांच कर उन्हें सुरक्षित करने के आदेश दिए गए।
प्रशासनिक अधिकारियों को प्राचीन हस्तिनापुर का 1950 में बनाया गया आईएएस अधिकारियों द्वारा वह नक्शा भी प्राप्त हुआ है जिसमें हस्तिनापुर की भौगोलिक स्थिति को दर्शाया गया है जो आज तक नगर पंचायत के पास भी मौजूद नहीं था।
इस नक्शे में हस्तिनापुर का इंडस्ट्रियल एरिया भी दिखाया गया है। सहकारी संघ के एमडी के सहयोग से दस्तावेजों की जांच नगर पंचायत के कर्मचारी कर रहे हैं जो सुरक्षित कर जिला अधिकारी अभिलेखागार में सुरक्षित पहुंचाए जाएंगे।
सैकड़ों फाइलें हो गईं नष्ट
सरकारी दस्तावेज देखरेख के अभाव में नष्ट हो गए जिनमें सैकड़ों फाइलों को दीमक ने पूरी तरह नष्ट कर दिया, जिनमें हस्तिनापुर से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारी थी। हजारों करोड रुपए की संपत्ति की पूरी जानकारी इन फाइलों में दी गई है।