फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

हर चेहरे पर था मौत का खौफ, मातम और गम, हर आंख हुई नम, रुला देगी ये सच्चाई 

Sun, 10 Feb 2019 05:49 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर Published by: Dimple Sirohi Updated Sun, 10 Feb 2019 05:49 PM IST
विज्ञापन
saharanpur hooch tragedy: people were screams of death
जहरीली शराब केस

मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में दूसरे दिन भी चीख पुकार मचती रही। जहरीली शराब से प्रभावित सहारनपुर के 34 लोगों को शुक्रवार और शनिवार मेडिकल इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। शनिवार देर रात तक इनमें से 24 लोगों की मौत हो चुकी है। अन्य प्रभावित लोगों का उपचार करने में चिकित्सक जुटे रहे। पीड़ित परिवारों में कोहराम मचा रहा। जिसकी भी चौखट पर मृतक का शव पहुंचता उसकी के घर में चीख पुकार मच जाती। हर किसी के चेहरे पर मौत का खौफ था हर आंख में आंसू थे। आगे देखें इस त्रासदी की सच्चाई को बयां करती ये तस्वीरें: - 



 
saharanpur hooch tragedy: people were screams of death
जहरीली शराब केस

जहरीली शराब के शिकार सहारनपुर के लोगों का शुक्रवार देर शाम से मेडिकल इमरजेंसी में लाना शुरू हुआ था। रात तक ऐसे 26 लोग इमरजेंसी में भर्ती कराए गए थे, जबकि आठ लोगों को हालत गंभीर होने पर शनिवार को सहारनपुर से मेरठ रेफर किया गया। इस दौरान अस्पताल परिसर में अफरातफरी की स्थिति रही। डॉक्टरों द्वारा जिस व्यक्ति की मौत की पुष्टि की जाती तो इमरजेंसी के बाहर मौजूद परिजनों में कोहराम मच जाता। तीमारदारों में पुलिस-प्रशासन के खिलाफ भी आक्रोश था। आरोप कि इलाज की व्यवस्था मेरठ में ठीक से नहीं कराई गई।


 
saharanpur hooch tragedy: people were screams of death
जहरीली शराब केस

वहीं, व्यवस्था की कलई खुली तो पुलिस-प्रशासन के आला अधिकारी भी मेडिकल में पहुंच गए। पीड़ित परिवार को सांत्वना देने के लिए कई नेता भी पहुंचे। ‘अमर उजाला’ ने इस पहलू को प्रमुखता से प्रकाशित किया था कि शुक्रवार को मेडिकल में सहारनपुर के लोग मरते रहे। लेकिन स्थानीय पुलिस प्रशासन से कोई भी अधिकारी वहां नहीं पहुंचा। 

नतीजा यह हुआ कि शनिवार सुबह होते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मेडिकल कॉलेज में पहुंचे। डीएम अनिल ढींगरा ने इसे गंभीरता से लेते हुए इलाज की व्यवस्थाएं देखीं और तीमारदारों को ढांढस भी बंधाया। डॉक्टरों से बातचीत कर प्रभावित लोगों की हालत के बारे में जानकारी ली। पुलिस भी एक्टिव रही। पोस्टमार्टम कराने व शवों को उनके घरों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी पुलिस ने बखूबी निभाई। वहीं, कई नेताओं ने मेडिकल अस्पताल पहुंचकर हाल जाना। 

विज्ञापन
विज्ञापन
saharanpur hooch tragedy: people were screams of death
जहरीली शराब केस

इससे पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट शैलेंद्र कुमार और सीओ सिविल लाइन अखिलेश भदौरिया ने पोस्टमार्टम की प्रक्रिया को शुरू कराया। इस बीच एडीएम सिटी मुकेश चंद्र और एसपी सिटी रणविजय सिंह भी वहां पहुंच गए। डीएम के आने की सूचना पर व्यवस्थाएं बदलने लगीं। इस दौरान सीएमओ डॉ. राजकुमार, मेडिकल के कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. एसके गर्ग, डॉ. सुभाष सिंह, डॉ. दिनेश राणा, ईएमओ डॉ. हर्षवर्धन, डॉ. आरती टंडन मौजूद रहे। 


 
विज्ञापन
saharanpur hooch tragedy: people were screams of death
जहरीली शराब केस

मेडिकल इमरजेंसी में आते और बेड पर तोड़ देते दम  
सहारनपुर शराब कांड के प्रभावित अधिकांश लोग मेडिकल इमरजेंसी में पैदल ही पहुंचे और बेड पर जाते ही दम तोड़ दिया। डॉक्टरों के अनुसार ऐसे मामलों में जहरीला अल्कोहल खून के साथ मिलकर नसों में तेजी से दौड़ता है। इससे सांस लेने में दिक्कत आ जाती है। शरीर के महत्वपूर्ण अंग काम करना बंद कर  देते हैं।

करीब एक दर्जन लोगों की मौत ऐसे ही हुई। वहीं, तीमारदार आरोप लगा रहे हैं कि इलाज ठीक से नहीं हो रहा है। उसके चलते लोगों की मौत हो रही है। डॉक्टरों का कहना है कि जहरीली शराब का असर कहीं 24 घंटे के अंदर तो कहीं बाद में ज्यादा होता है। उसका शुरूआत में मरीज को अहसास भी नहीं होता।    

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed