अक्तूबर माह में बारिश ने जिले में 42 वर्ष का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। शुक्रवार दोपहर से शुरू हुई बारिश सोमवार शाम तक भी जारी है। मौसम विभाग के मुताबिक मेरठ में 127 मिमी बारिश दर्ज की गई है। इससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। वहीं पारा लुढ़कने से ठंड ने दस्तक दे दी है। बदल रहे मौसम के साथ आगे भी तापमान का स्तर कम होने की संभावना जताई गई है। कृषि विवि के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही का कहना है कि उत्तराखंड, पश्चिमी मध्य प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऊपर नम हवाओं के असर के साथ ही चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके चलते 11 अक्तूबर तक भारी वर्षा होने का अनुमान है।
दुश्वारियों की बारिश: चार मकान ढहे, 12 घंटे गुल रही बिजली, जनजीवन अस्त-व्यस्त, धान-सब्जियों की फसलें चौपट
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नाले में समाई कार, लोगों ने बचा ली हलवाई के पोते की जान
बारिश के दौरान मेरठ में खेमा हलवाई के पौत्र आकाश की कार पुरानी मोहनपुरी और सुभाषनगर के बीच से गुजर रहे दस फीट नाले में गिर गई। आसपास खड़े लोगों ने आकाश की जान बचा ली लेकिन नगर निगम की टीम सूचना के डेढ़ घंटे बाद पहुंची। करीब चार घंटे बाद कार को क्रेन की मदद से निकाला गया। बीच लोग लगातार निगम मुर्दाबाद के नारे लगाते रहे।
गनीमत यह रही कि हादसे के वक्त आकाश ने कार का शीशा खोल रखा था। घटनास्थल पर मौजूद पार्षद पवन चौधरी और कुछ अन्य लोग आकाश को डूबते देख नाले में कूद गए और किसी तरह उनकी जान बचाई। सूचना पाकर आकाश के पिता और परिवार के अन्य सदस्य भी मौके पर पहुंच गए। परिवार वालों ने स्थानीय लोगों का आभार जताया। पार्षद और भाजपा नेता उत्तम सैनी ने निगम अधिकारियों को फोन किए। घटना के एक घंटे के बाद निगम कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष अनीस अहमद तो पहुंचे, लेकिन प्रशासनिक सक्षम अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। निर्माण विभाग के एक जेई और कर्मचारी ही मौके पर रहे।
फसलों में भारी नुकसान, मुश्किल में किसान
बारिश से धान व सब्जी की फसलों को अधिक नुकसान हुआ है। अगेती फसल बुवाई भी प्रभावित हो रही है। कृषि विवि के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही का कहना है कि भारी वर्षा से धान व गन्ने की फसल गिर गई है। गोभी, धनिया, पालक, मूली की फसल को भी क्षति हुई है।
वर्ष अक्तूबर माह मेें बारिश
1980 32.6
1981 11.6
1984 10.7
1988 11.9
1990 16.5
1996 33.0
1997 75.0
1998 30.0
1999 21.0
2003 21.7
2004 51.0
2009 2.0
2013 0.4
2014 2.1
2016 1.2
2018 4.0
2019 22.9
2022 127.0
नोट- 1980 से 2022 तक जिन वर्षों के आंकड़े नहीं लिखे गए हैं, उनमें बारिश शून्य दर्ज की गई। आंकड़े मौसम कार्यालय से प्राप्त हुए।
पेड़ गिरे, फाल्ट हुए, बिजली-पानी का संकट झेलते रहे लोग
बारिश की वजह से शहर में जगह-जगह पेड़ गिर गए। इससे बिजली की लाइनों में फाल्ट हुए। शहर में लोहियानगर, अहमदनगर, पटेल नगर समेत कई क्षेत्रों में तो 12 घंटे से भी अधिक समय तक बिजली गुल रही। कई जगहों पर फाल्ट ठीक नहीं हो पाए जिस कारण लोग परेशान रहे।
पटेल नगर, जलीकोठी, अहमदनगर और पूर्वा फैयाज अली क्षेत्र में शनिवार देर रात 2 बजे बिजली गुल हुई और रविवार दोपहर 2 बजे तक यहां विद्युत आपूर्ति सुचारु नहीं हो पाई। 11 केवी की लाइन में फाल्ट के चलते यहां विद्युत आपूर्ति बाधित रही। लोहियानगर क्षेत्र शनिवार रात 11 बजे बिजली गुल हुई जो सुबह 10 बजे तक भी नहीं आई। कुछ स्थानों की बिजली सुचारू हुई लेकिन कहीं दिन भर बिजली गुल ही रही।