उत्तर प्रदेश में ताबड़तोड़ एनकाउंटर हो रहे हैं। जहां बिजनौर में बीती मंगलवार की देर रात करीब ढाई बजे पुलिस ने कुख्यात अपराधी आदित्य राणा को मुठभेड़ में ढेर किया तो वहीं गुरुवार यानी आज दिन में करीब दो बजे यूपी एसटीएफ की टीम ने माफिया अतीक अहमद के बेटे असद और उसके साथी गुलाम को मार गिराया।
UP Encounter : 36 घंटे में तीन बड़े इनामी ढेर, पश्चिम से प्रयागराज तक खौफ खत्म, इनकी दहशत से कांपते थे लोग
आदित्य राणा ने लगातार की थीं तीन हत्याएं
कुख्यात अपराधी आदित्य राणा क्षेत्र में एक के बाद एक लगातार तीन हत्या कर सुर्खियों में आया था। गांव में अपने ही पड़ोस में रहने वाले दो सगे भाइयों को एक साल में मौत के घाट उतारने के बाद आदित्य जिले की पुलिस के लिए सिर दर्द बन गया था।
अलग पहचान बनाने की हौड़ में बढ़ाया था ऑपराधिक रिकॉर्ड
आदित्य राणा पुत्र राजपाल सिंह ने अपराध की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाने की दौड़ में एक के बाद एक अपराध कर अपने ऑपराधिक रिकॉर्ड में बढ़ोतरी की थी। अपराध की दुनिया में सबसे पहला कदम आदित्य राणा ने 11 दिसंबर 2013 में अपने साथी के कहने पर क्षेत्र के गांव कासमाबाद निवासी युवक धर्मवीर की हत्या कर रखा था। आदित्य स्योहारा क्षेत्र में सुर्खियों तब आया जब पुलिस मुखबिर के शक में 14 अक्तूबर 2017 को मुकेश पुत्र नत्थू सिंह की गांव के पास ही गोली मार कर हत्या कर दी थी।
2018 में किया था कोर्ट में सरेंडर
घटना के बाद पुलिस ने आदित्य को काफी तलाश किया, लेकिन वह पुलिस को चकमा देता रहा। उसने 10 जनवरी 2018 को कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। मृतक मुकेश के परिजन अभी मुकेश हत्याकांड को भुला भी नहीं पाए थे कि आदित्य ने मुकेश हत्याकांड की पैरवी कर रहे उसके छोटे भाई राकेश की 27 सितंबर 2018 की शाम को गांव से मात्र तीन सौ मीटर दूरी पर स्थित गांव बेरखेड़ा में ताबड़तोड़ गोली बरसा कर हत्या कर दी थी। राकेश की पत्नी ममतेश की तहरीर पर आदित्य सहित सात लोगों के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। अब तक उस पर 43 मुकदमे दर्ज थे। लेकिन उसकी मौत के बाद भी उस पर आखिरी मुकदमा पुलिस कर्मियों पर जानलेवा हमले का दर्ज किया गया।
बिजनौर समेत कई जिलों में था आदित्य का खौफ
मुठभेड़ में मारे गए आदित्य राणा का बिजनौर समेत कई जिलों में खौफ था। वहीं, बिजनौर में तो उसके खौफ से कई लोग दहशत में रहते थे।