कहते हैं कि अगर इंसान में इच्छाशक्ति हो तो कड़वी बातों को भी हौसला बढ़ाने के लिए इस्तेमाल कर सकता है। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है 19 वर्षीय ताइक्वांडो खिलाड़ी चौधरी शिवांग सिंह ने।
यह खेल तुम्हारे बस का नहीं: दिल में उतरे कोच के तीखे बोल, फिर मेरठ के शिवांग ने किया कमाल, बनाई अंतरराष्ट्रीय पहचान
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मां नीरज सिंह ने हौसला बढ़ाया। शिवांग ने तैयारी की और जिला स्तरीय टीम में चयन हो गया। इसके बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा। वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल चुके हैं। शिवांग का सपना एशियन गेम्स और फिर ओलंपिक में सोना जीतने का है। इन दिनों वह दिल्ली यूनिवर्सिटी से बीकॉम कर रहे हैं।
ट्रेनिंग के लिए जाते थे मुरादाबाद से दिल्ली
शिवांग ने बताया कि वह दिल्ली में रहकर तैयारी करते थे, इसी बीच पिता की तैनाती मुरादाबाद हो गई। वह शनिवार और रविवार को दिल्ली में रहकर तैयारी करते और फिर सोमवार को आकर स्कूल जाते थे। अब वह दिल्ली में कोच हरीश टोकस की ताइक्वांडो एकेडमी में तैयारी कर रहे हैं।
इन प्रतियोगिताओं में हुए शामिल
-नाइनथ फजेरा ओपन इंटरनेशनल चैंपियनशिप फरवरी 2022 जी टू दुबई
-37 जूनियर स्टेट चैंपियनशिप 2017 धारवाड कनार्टक
-सो ककी वोन कप इंटरनेशनल चैंपियनिशप 2018 दिल्ली
-एसजीएफ नेशनल चैंपियनशिप 2016 तेलंगाना
अब तक ये जीते मेडल
-थर्ड ग्रांड ओपन नेशनल चैंपियनशिप 2017 दिल्ली- गोल्ड मेडल
-36 यूपी स्टेट चैंपियनशिप 2018 बिजनौर- गोल्ड मेडल
-सीबीएससी नेशनल गेम्स चैंपियनशिप 2018 बिजनौर - गोल्ड मेडल
-थर्ड इंडिया ओपन इंटनशनेशनल चैंपियनशिप दिल्ली 2018 -गोल्ड
-सेकेंड ओपन इंटरनेशनल चैंपियनशिप 2019 नेपाल- गोल्ड