फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

यह खेल तुम्हारे बस का नहीं: दिल में उतरे कोच के तीखे बोल, फिर मेरठ के शिवांग ने किया कमाल, बनाई अंतरराष्ट्रीय पहचान

Mon, 02 May 2022 11:58 AM IST
Dimple Sirohi मोहित कुमार, अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
मोहित कुमार, अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Mon, 02 May 2022 11:58 AM IST
विज्ञापन
player hurt by sharp words of the coach, worked hard and made national-international recognition in Taekwondo
शिवांग - फोटो : amar ujala

कहते हैं कि अगर इंसान में इच्छाशक्ति हो तो कड़वी बातों को भी हौसला बढ़ाने के लिए इस्तेमाल कर सकता है। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है 19 वर्षीय ताइक्वांडो खिलाड़ी चौधरी शिवांग सिंह ने। 



वह महज नौ साल के थे जब स्कूल कोच ने टीम में शामिल नहीं किया और तंज कसा कि ‘यह खेल तुम्हारे बस का नहीं है।’ इन चुभने वाले शब्दों से वह मायूस तो हुए, मगर हौसला नहीं खोया। कड़ी मेहनत की और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई। सोने के कई तमगे जीते और अब एशियन गेम्स में गोल्ड लाने के लिए जीतोड़ मेहनत कर रहे हैं।
   
शिवांग रोहटा रोड स्थित डालमपुर गांव के साधारण किसान परिवार से हैं। शिवांग के पिता विनय चौधरी एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते हैं। इनका परिवार अब मोदीपुरम की एटूजेड कालोनी में रहता है। शिवांग को बचपन से ही ताइक्वांडों का शौक था। साल 2013 में अलीगढ़ के एक स्कूल से जिले के लिए ताइक्वांडो टीम का चयन हो रहा था। तब कोच ने उसे डांटते हुए कहा कि यह खेल तुम्हारे बस का नहीं है। 

player hurt by sharp words of the coach, worked hard and made national-international recognition in Taekwondo
शिवांग - फोटो : amar ujala

मां नीरज सिंह ने हौसला बढ़ाया। शिवांग ने तैयारी की और जिला स्तरीय टीम में चयन हो गया। इसके बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा। वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल चुके हैं। शिवांग का सपना एशियन गेम्स और फिर ओलंपिक में सोना जीतने का है। इन दिनों वह दिल्ली यूनिवर्सिटी से बीकॉम कर रहे हैं।


 
player hurt by sharp words of the coach, worked hard and made national-international recognition in Taekwondo
शिवांग - फोटो : amar ujala

ट्रेनिंग के लिए जाते थे मुरादाबाद से दिल्ली 
शिवांग ने बताया कि वह दिल्ली में रहकर तैयारी करते थे, इसी बीच पिता की तैनाती मुरादाबाद हो गई। वह शनिवार और रविवार को दिल्ली में रहकर तैयारी करते और फिर सोमवार को आकर स्कूल जाते थे। अब वह दिल्ली में कोच हरीश टोकस की ताइक्वांडो एकेडमी में तैयारी कर रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
player hurt by sharp words of the coach, worked hard and made national-international recognition in Taekwondo
शिवांग - फोटो : amar ujala

इन प्रतियोगिताओं में हुए शामिल 
-नाइनथ फजेरा ओपन इंटरनेशनल चैंपियनशिप फरवरी 2022 जी टू दुबई 
-37 जूनियर स्टेट चैंपियनशिप 2017 धारवाड कनार्टक 
-सो ककी वोन कप इंटरनेशनल चैंपियनिशप 2018 दिल्ली 
-एसजीएफ नेशनल चैंपियनशिप 2016 तेलंगाना 

विज्ञापन
player hurt by sharp words of the coach, worked hard and made national-international recognition in Taekwondo
शिवांग - फोटो : amar ujala

अब तक ये जीते मेडल 
-थर्ड ग्रांड ओपन नेशनल चैंपियनशिप 2017 दिल्ली- गोल्ड मेडल 
-36 यूपी स्टेट चैंपियनशिप 2018 बिजनौर- गोल्ड मेडल 
-सीबीएससी नेशनल गेम्स चैंपियनशिप 2018 बिजनौर - गोल्ड मेडल 
-थर्ड इंडिया ओपन इंटनशनेशनल चैंपियनशिप दिल्ली 2018 -गोल्ड  
-सेकेंड ओपन इंटरनेशनल चैंपियनशिप 2019 नेपाल- गोल्ड 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed