बिजनौर में नूरपुर विधान सभा क्षेत्र के कद्दावर भाजपा विधायक लोकेंद्र चौहान सहित पांच लोगों की सड़क हादसे में मौत की सूचना से जिले में शोक की लहर दौड़ गई। काफी देर तक तो लोगों को सूचना पर विश्वास नहीं हुआ और एक दूसरे से घटना की पुष्टि करते हुए नजर आए। घटना की पुष्टि होते ही उनके पैतृक गांव आलमपुरी में लोग पहुंचना शुरू हो गए। विधायक के पैतृक गांव आलमपुरी में शोक का माहौल है। हर किसी की जुबान पर विधायक और उनके कार्यों व संघर्ष की चर्चा हो रही थी।
PHOTOS: बीजेपी विधायक सहित 5 की मौत से शोक में डूबा बिजनौर, सदमे में परिवार
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विधायक लोकेंद्र चौहान जनता के बीच काफी लोकप्रिय थे। विधायक के पिता महेश चंद और परिवार के अन्य सदस्य सदमें में हैं। परिवार के सदस्यों ने बताया कि घटना की सूचना पाते ही गांव के अधिकांश लोग और उनके भाई सीपी सिंह घटनास्थल पर गए हुए हैं। लोकेंद्र की छवि ईमानदार विधायकों में शुमार थी। घटना की सूचना पर सभी दलों के नेता व सरकारी अधिकारी एकाएक गांव में पहुंच गए।
हे भगवान, ये क्या किया...
लोकेंद्र चौहान के पिता महेशचंद की आंखों से आंसू थम नहीं रहे थे। उनका कहना था कि उनके पुत्र ने कभी किसी का अहित नहीं किया, लेकिन भगवान ने यह क्या कर दिया... पूरे परिवार को छोड़कर चला गया। भाजपा के वरिष्ठ नेता राजपाल सिंह ने भी नम आंखों से दु:ख जताया। विधायक के मौसा अजवीर सिंह का भी रोते हुए बुरा हाल है। अजवीर सिंह ने बताया कि लोकेंद्र एक लोकप्रिय नेता होने के साथ साथ उनका व्यवहार मधुर था। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ सहित केंद्रीय और कैबिनेट मंत्रियों से मजबूत पकड़ थी। जनता की सेवा के लिए उनका एक पैर अपने क्षेत्र में दूसरा दिल्ली व लखनऊ होता था। पूर्व सांसद शीशराम रवि ने घटना पर गहरा दु:ख जताया।
मुख्यमंत्री आ सकते हैं संवेदना जताने
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आने के लिए लोकेंद्र चौहान के गांव में हेलीपेड बनाया जा रहा है। लोनिवि के अधिकारी रोडरोलर से विधायक के गांव के एक खेत की जमीन को समतल करा रहे हैं। नगरपालिका सहसपुर के टैंकरों से पानी का छिड़काव किया जा रहा है, जिससे मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर उतरते हुए धूल का गुब्बार न उड़े। मार्गों को दुरुस्त करने में अमला लगा हुआ है। गांव-आलमपुरी को जाने वाले सभी मार्ग बेहद खस्ताहाल हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि विधायक के प्रयास से गांव की एक दिशा का मार्ग तैयार हुआ है। लेकिन प्रशासनिक उपेक्षा के चलते गांव के बाहर जाने वाले अधिकांश मार्ग बदहाल हैं। विधायक के शव के अंतिम संस्कार के दौरान प्रदेश के सीएम सहित कैबिनेट मंत्रियों के आने की खबर से लोनिवि ने आनन फानन में भारी संख्या में मजदूर व मशीनरी लगाकर सड़कों के निर्माण का काम युद्घ स्तर पर शुरू कर दिया है। अधिकारियों को इस बात की चिंता सता रही है कि कहीं मार्ग बदहाली के मामले उनके ऊपर गाज न गिर जाए। पूछने पर अधिकारियों ने तर्क करने से इंकार कर दिया।