मेरठ के कमलानगर में बिल्डर की कोठी में वारदात के बाद नेपाल बॉर्डर तक पुलिस टीमें नेपाली नौकर वीर बहादुर उर्फ वीरू की तलाश में जुट गईं। नेपाल जाने वाले रास्ताें से लेकर उत्तराखंड में टीमों को भेजा गया। पुलिस को यह भी आशंका थी कि लखीमपुर वाले रास्ते से नेपाली नौकर भाग सकता है। एक टीम इस ओर भेजी गई। देर रात तक पुलिस नौकर का कोई सुराग नहीं लगा सकी। पुलिस का दावा कि वह अभी नेपाल नहीं पहुंचा होगा। इसके चलते पुलिस की एक टीम उत्तराखंड में भी गई है।
भारी पड़ा भरोसा: खाली तिजोरी देख बेहोश हुई बिल्डर की पत्नी, बेटी की शादी से पहले लगी 80 लाख की चपत
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कोठी में ही बंद कर दिया मोबाइल
नेपाली नौकर वीर बहादुर शातिर निकला। उसने कोठी में वारदात पूरी प्लानिंग से की। अपनी आईडी या कोई साक्ष्य नहीं दिया, जिससे उसके बारे में कोई जानकारी जुटा सके। यहां तक कि भागने से पहले अपना मोबाइल कोठी में ही बंद कर दिया था, ताकि उसकी लोकेशन को पुलिस ट्रेस न कर सके। बिल्डर की बेटी की शादी है। यह बात नेपाली नौकर को पता थी। इसलिए पहले से ही पूरी तैयारी की थी।
पुश्तैनी जेवरात के खाली डिब्बे देख बेहोश हुईं रजनी गुप्ता
दिल्ली से कमलानगर पहुंचने के बाद कोठी में जेवरात के खाली डिब्बे देख प्रदीप गुप्ता की पत्नी रजनी बेहोश हो गईं। परिवार के लोगों ने उन्हें संभाला। प्रदीप ने बताया कि तीन दिन पहले वह यह जेवरात बैंक के लॉकर से निकालकर लाए थे। उनको भी बदमाश ले गए।
पीड़ित परिवार ने बताया पांच करोड़ का सामान जाना
घटना के बाद सीओ ब्रह्मपुरी बृजेश सिंह मौके पर पहुंचे थे। पीड़ित परिवार से बात की तो उन्हें बताया गया कि करीब पांच करोड़ का सामान कोठी से गायब है। शुरूआत में 80 लाख नकद और तीन करोड़ से अधिक कीमत के जेवरात बताए गए थे। प्रदीप गुप्ता के यहां आए व्यापारी बता रहे थे कि काफी सामान गया है। बदमाशों ने कुछ नहीं छोड़ा। नकदी, ज्वेलरी के अलावा चांदी की तस्वीरें भी ले गए हैं। हालांकि बाद में दी गई तहरीर में 80 लाख की लूट होने की बात कही गई।
जब मैं कोठी के अंदर खाना खाने गया, उस वक्त वीर बहादुर कपड़े धो रहा था। खाना खाने के बाद बेहोश हो गया था। परिवार वाले मुझे कोठी से लेकर चले गए। वीर बहादुर ने क्या किया, इसके बारे में मुझे नहीं पता। अभी मेरी हालत ठीक नहीं है। यह सुनते ही पुलिस ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया दिया। -गार्ड मनोज