मेरठ रोहित हत्याकांड में नामजद दोनों आरोपी अनूप और संदीप के साथ नशा मुक्ति केंद्र संचालक भी पुलिस की जांच के घेरे में है। दोनों आरोपियों के रात में कंकरखेड़ा के एक ट्यूबवेल पर होने की सूचना मिली थी। पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ने की कोशिश की, लेकिन दोनों भाग गए।
नशामुक्ति केंद्र में हत्या: पुलिस की घेराबंदी तोड़ भागे रोहित के हत्यारे, संचालक ने कई घंटे छिपाए रखी वारदात
बताया गया कि अनूप और संदीप का एक साथी सोमवार को कोर्ट में पेश होने के लिए आया था। जहां पर उसने एक सिपाही को दोनों के कंकरखेड़ा में छुपे होने के बारे में जानकारी दी। इसके बाद टीपी नगर पुलिस ने कंकरखेड़ा में रात में घेराबंदी कर ली, लेकिन वह भाग गए। सोमवार को पुलिस ने संदीप के पिता और अनूप के भाई को हिरासत में लेकर पूछताछ की है। एसपी सिटी विनीत भटनागर ने बताया कि आरोपी जल्द पकड़े जाएंगे।
मालूम था अनूप का आपराधिक इतिहास
दो साल पहले अनूप ने कुंडा में बिट्टू नाम के एक युवक की हत्या कर दी थी। उस मामले में अनूप जेल गया था। वह शराब और अन्य मादक पदार्थ का नशा करने का आदी है। परिवार के लोगों ने उसकी नशे की लत छुड़ाने के नशा मुक्ति केंद्र में भेजा था। उसके आपराधिक इतिहास की जानकारी शिवम गुर्जर को थी। इसके बाद भी शिवम ने अनूप, रोहित और संदीप को अपने यहां रखा था।
शिवम के परिवार के साथ भी हो सकती थी अनहोनी
पुलिस ने बताया कि नामजद दोनों आरोपी रोहित की हत्या के बाद शिवम के परिवार के साथ भी वारदात कर सकते थे। वारदात के दौरान घर पर सिर्फ एक महिला थी। शिवम की मां पड़ोस के घर में गई थी। गनीमत रही कि आरोपी वारदात करने के बाद छत के रास्ते पड़ोसी की मकान में कूदकर फरार हो गए। दोनों आरोपी भूतल पर आ जाते तो महिला के साथ भी वारदात हो सकती थी।
जिस नशा मुक्ति केंद्र में रोहित का इलाज चल रहा था, वह अवैध निकला। इसके पास केंद्र का पंजीकरण, अग्निशमन के यंत्र, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, बॉयोवेस्ट मेडिकल मद्यनिषेध विभाग की एनओसी नहीं मिली। इन मरीजों को देखने के लिए कोई डॉक्टर भी नहीं आता था। मरीजों का इलाज घर के लोग ही कर रहे थे। शिवम ने घनी आबादी के बीच अपने ही घर की दूसरी मंजिल पर नशा मुक्ति केंद्र बनाया था, जहां पर मरीजों का इलाज होता था।
घनी आबादी के बीच शिवम गुर्जर घर पर बोर्ड लगाकर नशा मुक्ति केंद्र चला रहा है। जहां रोहित, अनूप और संदीप का इलाज चल रहा था। रोहित की हत्या के बाद इस नशा मुक्ति केंद्र की पोल खुली। पुलिस को नशा मुक्ति केंद्र के संचालक शिवम गुर्जर की मां विमलेश ने बताया कि तीनों मरीज अपना खाना खुद बनाते थे। उनको खाने का सामान शिवम देता था व उसकी अनुपस्थिति में वह खुद भी दवाइयां दे देती थी।