यूपी के शामली में झिंझाना थानाक्षेत्र में बुधवार देर रात मां-बेटी की जूते के फीते से गला घोंटकर निर्मम हत्या कर दी गई। हत्यारे दोनों के शवों को बोरो में भरकर ले जा रहे थे, लेकिन ग्रामीणों के शोर मचाने पर बोरे सड़क पर डालकर फरार हो गए। डीआईजी, एसपी ने भी मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की। हालांकि हत्या की वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है, लेकिन डीआईजी ने दावा किया कि जल्द घटना का खुलासा कर दिया जाएगा। आगे तस्वीरों में जानें कैसे हत्यारों ने वारदात को दिया अंजाम:-
हरिनगर बिड़ौली गांव में कमला (50) पत्नी स्व.सहंसरपाल और उसकी बेटी सोनू (23) अकेली एक मकान में रहती थी। सोनू शामली के वीवी इंटर कालेज में कक्षा 12 में पढ़ती थी। जीवन यापन के लिए कमला ने अपने मकान में ही आटा चक्की लगाई हुई थी।
बुधवार रात करीब दो बजे कमला के पड़ोसी मोहर सिह कश्यप की पत्नी मुकेश ने बाहर सड़क पर कुछ आहट सुनी। उसने देखा तो बाहर दो युवक कंधे पर दो बोरे लादकर ले जा रहे थे। उसने समझा कि शायद चोर कमला की चक्की से आटा चोरी कर ले जा रहे हैं। उसने शोर मचा दिया तो दोनों युवक बोरों को सड़क पर डालकर ही फरार हो गए। गांव में जाग हो गई।
गांव में ही कमला का भतीजा सतीश भी पहुंचा। उसने पुलिस को घटना की सूचना दी। झिंझाना थानाध्यक्ष ओपी चौधरी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। बोरे खोलकर देखे गए तो उनमें मां-बेटी के शव थे। बोरो में दोनों के जूते और फीते भी थे। इंस्पेक्टर के अनुसार गले पर फीते के निशान थे। संभवतः फीते से ही गला दबाकर हत्या की गई थी। जांच में घर के कमरे से पानी के दो गिलास भी मिले। इससे आशंका है कि दोनों हत्यारे पहले से ही परिवार के परिचित थे।
पुलिस ने दोनों के शवों को पोसटमार्टम के लिए भेज दिया। रात को ही एएसपी अजय प्रताप, सीओ कैराना राजेश तिवारी मौके पर पहुंचे। गुरुवार सुबह सहारनपुर रेंज के डीआईजी शरद सचान, एएसपी अजय कुमार ने भी घटना स्थल पर पहुंचकर जांच पड़ताल की और अधिनस्थों को दिशा निर्देश दिए। ग्रामीणों से भी जानकारी जुटाई।