मेरठ में कंकरखेड़ा के शिवलोक पुरी निवासी मेजर मयंक विश्नोई की शनिवार को शोक सभा आयोजित की गई। लोगों ने शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की। शहीद की पत्नी रोने लगी तो हर आंख से आंसू बहने लगे। वक्ताओं ने कहा कि पूरा मेरठ शहीद के परिवार के साथ खड़ा है।
शहीद मेजर की शोक सभा: पति को याद कर रो पड़ी पत्नी, स्वाति का हाल देख हर किसी की आंख में आंसू, तस्वीरें
शोक सभा में शहीद की पत्नी स्वाति विश्नोई बोलने लगी तो गम छा गया। स्वाति ने कहा कि मयंक हमेशा कहा करते थे कि उन्होंने बहुत रिश्ते बनाए हैं। लेकिन देश की सुरक्षा का रिश्ता सबसे ऊपर है। मेरे जाने के बाद यही सब लोग तुम्हारी ढाल बनकर हमेशा खड़े रहेंगे। आज तक मुझे किसी ने बुरा नहीं बताया। सब मुझे अच्छा कहा करते हैं। इसके बाद वह फफक-फफककर रोने लगी तो लोगों की आंखे भी नम हो गई। आंखों में आंसू लिए स्वाति ने कहा कि मयंक तुम मेरा दिल हो, मेरी धड़कन हो आई लव यू।
गुरुद्वारे के प्रधान ने मयंक के पिता वीरेंद्र को सरोपा भेंट किया। शोक सभा से पहले शिवलोक पुरी में मेजर के आवास पर सुबह के समय हवन किया गया। इस दौरान व्यापार संघ अध्यक्ष नीरज मित्तल, निशांक गर्ग, राजेश, सतीश, नेहा गौड़, एससी शर्मा, मंयक की बहन तनु, अनु, बहनोई जगत गुप्ता, डॉ. वैभव, हर्ष गोयल मौजूद रहे।
पिता की आंखें हो गई नम
शोक सभा समाप्त होने के बाद गुरुद्वारा मुख्य द्वार पर बेटे की तस्वीर के पास खड़े होकर आने वाले लोगों का हाथ जोड़कर पिता अभिवादन कर रहे थे। बेटे की शहादत पर पिता वीरेंद्र विश्नोई बोले की उन्हें गर्व है, इतना कहते ही उनकी आंखें नम हो गई। नम आंखों से ही हाथ जोड़कर खड़े थे। उन्हें देकर हर किसी की आंखें नम हो रही थी। मयंक घर का इकलौता चिराग था।
सेना ने संभाली व्यवस्था
शोक सभा को लेकर सेना के अधिकारियों और सैन्यकर्मियों ने व्यवस्था संभाले रखी। कंकरखेड़ा डिवाइडर रोड से लेकर अंदर गुरुद्वारा तक जगह-जगह सेना के जवान खड़े थे और व्यवस्था बना रहे थे। गुरुद्वारा में अंदर जाने के लिए भी मुंह पर मास्क और सिर पर कपड़ा बांधने के लिए एक जवान पहले से ही खड़ा था। सेना पूरी तरह से मयंक विश्नोई के परिवार के साथ खड़ी थी। हालांकि पुलिस प्रशासन की वहां पर कोई व्यवस्था नहीं थी।