मेरठ में पुलिस की लापरवाही और अधिकारियों की लेटलतीफी के चलते एक व्यक्ति की जान चली गई। मंगलवार को एसएसपी ऑफिस पर एक सनसनीखेज वारदात हुई जिसने फिर से पुलिस की लापरवाही उजागर कर डाली।
मेरठ : मैं मरने वाला हूं, अधिकारियों से बात करा दो, जहर खाकर एसएसपी ऑफिस पहुंचा युवक और फिर...
जानकारी के अनुसार मेडिकल थाना क्षेत्र के सराय काजी निवासी देवेंद्र सिंह ने अपने पड़ोसी से दस साल पहले एक लाख रुपये ब्याज पर लिए थे। आरोप है कि पड़ोसी ने 10 साल में ब्याज लगाकर 10 लाख रुपए कर दिए। रुपये न लौटाने पर उसका मकान गिरवी रख लिया, बताया कि वह पड़ोसी को दो लाख रुपए दे भी चुका था।
इसके बावजूद पड़ोसी उसके मकान के कागज देने को तैयार नहीं है, जिससे परेशान होकर देवेंद्र ने मंगलवार को एसएसपी ऑफिस पर पहुंच कर सल्फास खा लिया। हालत गंभीर होने पर पुलिस ने उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस मामले की छानबीन करने में लगी है।
बताया गया कि यह युवक दोपहर करीब 01:15 बजे वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा, जहां कार्यालय में तैनात कर्मचारियों से उसने कहा कि मैंने जहर खा लिया है, मुझे अधिकारियों से बात करनी है। इस पर कर्मचारियों द्वारा कार्यालय में मौजूद एसपी क्राइम को इस मामले की जानकारी दी गई।
बताया गया कि जहरीले पदार्थ का सेवन करने से पहले एसपी ट्रैफिक जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने उसकी समस्या सुनी थी। एसपी ट्रैफिक और एसपी क्राइम द्वारा युवक से वार्ता के उपरांत उसे जिला चिकित्सालय भेज दिया गया था। जहां उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई।
जाहिर है, यदि अफसर मामले में गंभीरता दिखाते तो युवक की जान बच सकती थी, लेकिन एसएसपी ऑफिस पर भी सुनवाई खानापूर्ति बनकर रह गई और युवक जान से हाथ धो बैठा। युवक की मौत की जानकारी लगते ही अधिकारियों में हड़कंप मच गया।