मेरठ के गुरुवार को आर्थिक तंगी के चलते एक पिता इतना बेबस हो गया कि वह अपनी लाड़ली बेटी की पढ़ाई की इच्छा पूरी न कर सका तो उसने बेटी के साथ मिलकर माैत का घूंट पी लिया। दाैराला थानाक्षेत्र के चिरौड़ी गांव में जोगेंद्र प्रजापति (50) पुत्र जुम्मन ने बेटी खुशी (16) के साथ जहरीला पदार्थ खा लिया।
Suicide: बुलंदियों के सपने देख रही थी बेटी, गरीब पिता न जुटा सका पढ़ाई की फीस, चंद रुपयों में खरीद लाय 'जहर'
पांच बच्चे, खुद जोगेंद्र और उसकी पत्नी। गृहस्थी के इस बोझ में जोगेंद्र के कंधे झुकते जा रहे थे। तीन बेटियां व दो बेटे धीरे-धीरे बड़े हो रहे थे। दिन-ब-दिन परिवार का खर्च बढ़ रहा था और जोगेंद्र की फिक्र भी।
सबसे बड़ी बेटी खुशी पढ़ने में अच्छी थी। उसने बुलंदियां छूने का सपना देखना शुरू कर दिया था, लेकिन बाप की गरीबी आड़े आ रही थी।
बिटिया अपने बाबुल से रोज दाखिले की जिद करती और बेचारा बाप दाखिले की बजाए महज दिलासा देकर अपने दिल पर पत्थर रख लेता। बृहस्पतिवार को जोगेंद्र का सब्र जवाब दे गया। नतीजतन, दोनों बाप-बेटी ने मौत का घूंट पीकर गरीबी से निजात पा ली।
चिरौड़ी गांव निवासी जोगेंद्र मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण कर रहा था। घर का खर्च बढ़ने पर जोगेंद्र की पत्नी ने मजदूरी करनी शुरू कर दी। बेटी खुशी ने इस बार गांव स्थित स्कूल से 10वीं की परीक्षा 75 प्रतिशत नंबर लेकर पास की।
खुशी जोगेंद्र से आगे की पढ़ाई करने के लिए जिद कर रही थी। पहले तो जोगेंद्र ने खुशी को दिलासा दिया, लेकिन स्कूल-कॉलेज खुलने के बाद वह दाखिले के लिए रुपयों का इंतजाम नहीं कर सका। बेटी से झूठ बोल-बोलकर जोगेंद्र थक चुका था।
गुरुवार को जब जोगेंद्र खाना खाने घर पहुंचा तो बेटी ने दाखिले की जिद की, लेकिन पिता के पास बेटी के सवाल का कोई जवाब नहीं था। जोगेंद्र पहले से ही जहरीला पदार्थ लेकर घर पहुंचा था। खुशी के बाकी बहन-भाई गांव में खेल रहे थे। इस दौरान जोगेंद्र ने बेटी को जहरीला पदार्थ दिया और खुद भी सेवन कर लिया।
पत्नी लता के पहुंचने पर जोगेंद्र ने बताया कि उन्होंने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। गंभीर हालत में जोगेंद्र ने पत्नी से कहा कि वह अपनी बेटी की ख्वाहिश पूरी नहीं कर सका, इसलिए उसने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया।