सिटी स्टेशन पर बुधवार दोपहर ट्रेन आने पर यात्रियों में भगदड़ मच गई। इंदौर से चलकर अमृतसर जाने वाली ट्रेन के प्लेटफॉर्म नंबर तीन पर पहुंचने के अनाउंस के साथ ही स्टेशन पर आपाधापी शुरू गई। ट्रेन पकड़ने की जल्दी में यात्रियों की भीड़ कुछ प्लेटफॉर्म पर तो कुछ पटरियों पर पहुंच गई। ट्रेन अपने निर्धारित समय से आधा घंटा लेट रही। ऐसे में प्लेटफॉर्म पर रुकते ही यात्रियों की भीड़ डिब्बों में घुसने के लिए धक्कामुक्की करने लगी। ट्रेन रवाना होने तक यात्री जान-जोखिम की परवाह किए बिना दरवाजों पर लटके रहे। सफर की मजबूरी में महिलाओं को भी ट्रेन के दरवाजों पर लटककर जाना पड़ा।
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ट्रेन में बैठने को मची मारामारी।
- फोटो : अमर उजाला
टीजीटी की परीक्षा देकर अभ्यर्थी दोपहर 12:30 बजे से ही सिटी रेलवे स्टेशन पर पहुंचने लगे। टिकट खिड़कियों पर लंबी कतार लग गई। लोग टिकट लेकर प्लेटफॉर्म नंबर दो और तीन पर आने लगे। सिटी स्टेशन से यात्रियों को ट्रेन में सफर के लिए ही मशक्कत नहीं करनी पड़ी, बल्कि प्लेटफॉर्म नंबर दो पर लगा एस्केलेटर बंद होने के कारण सीढ़ियों से चलकर पसीना भी बहाना पड़ा। गर्मी और उमस में यात्रियों की परीक्षा यहीं समाप्त नहीं हुई। प्लेटफॉर्म नंबर दो और तीन पर यात्रियों की भारी भीड़ जमा हो गई।
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पटरियों पर खड़ी भीड़।
- फोटो : अमर उजाला
दोपहर करीब 1:16 बजे हरिद्वार से दिल्ली जाने वाली गाड़ी संख्या 14304 हरिद्वार - दिल्ली एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म नंबर दो पहुंची। इस ट्रेन में भी यात्रा के लिए काफी यात्री रहे, लेकिन कोच में चढ़ने के लिए अधिक मारामारी नहीं रही। प्लेटफॉर्म नंबर तीन पर इंदौर से चलकर अमृतसर जाने वाली ट्रेन पहुंचने से पहले ही यात्री प्लेटफॉर्म और रेल पटरियों के बीच खड़े हो गए। यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने के लिए अपनी जान की भी परवाह नहीं की। ट्रेन में चढ़ने वालों के साथ ही उतरने वालों को भी संघर्ष करना पड़ा।
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ट्रेन का इंतजार करते यात्री।
- फोटो : अमर उजाला
जैसे ही ट्रेन अमृतसर के लिए रवाना हुई तो पुरुष ही नहीं बल्कि महिलाएं भी बोगी की खिड़की पर लटक गईं। इस दौरान एक व्यक्ति प्लेटफॉर्म पर गिर गया। ट्रेनें लेट होने के कारण भी यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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खराब पड़े एस्केलेटर पर बैठा यात्री।
- फोटो : अमर उजाला
स्वचालित सीढ़ी से उतर सकते हैं, चढ़ने की इजाजत नहीं
मेरठ सिटी रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर दो पर यात्रियों के लिए लगाई गई स्वचालित सीढ़ी खराब पड़ी है। इस सीढ़ी से लोग फुटओवर ब्रिज से उतर सकते हैं, चढ़ने की सुविधा नहीं है। यही कारण है कि लोगों को जान जोखिम में डालकर एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म पर पहुंचने के लिए पटरियों से गुजरना पड़ रहा है।