बेटे के पार्थिव शरीर के इंतजार में तड़पती बेबस मां बार-बार अपने लाल को याद कर रही थी। मेरा रानू तो शेर था। आतंकियों ने धोखे से गोली मार दी। सिर में गोली मार दी मेरे लाल को। इतना कहकर वे फफकने लग गईं। जब उनसे पूछा कि क्या चाहती हो तो उन्होंने बस इतना ही कहा कि मेरा शेर तो वापस आएगा नहीं। लेकिन जिस तरह मेरा लाल गया है, ऐसे किसी और का न जाए।
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शहीद मेजर केतन शर्मा की मां ऊषा
- फोटो : अमर उजाला
शहीद मेजर केतन शर्मा की मां ऊषा ब्लड प्रेशर की मरीज हैं। बार-बार उनका डॉक्टर से चेकअप कराया जा रहा था। सेना की डॉक्टर ने उनको दिलासा रखने को कहा तो वह बोलने लगीं कि इससे बड़ा दुख कोई हो सकता है क्या। मेरा तो एक ही लाल था, वो भी चला गया।
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शहीद मेजर केतन शर्मा की मां ऊषा
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उनको देखने के लिए केतन के साथ रहीं उनकी साथी मेजर अंजलि त्यागी पहुंचीं तो मां बुरी तरह से रोने लगीं। सबको बताने लगीं कि मेरा शेर भी ऐसी ही वर्दी पहनता था। अंजलि ये मेरे शेर को क्या हो गया। उसके पापा बता रहे थे कि आतंकियों ने धोखे से सिर में गोली मार दी।
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शहीद मेजर केतन शर्मा की मां ऊषा
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रिश्तेदारों ने उनको चुप किया तो वह बार-बार पूछने लगीं कि मेरा बेटा कितनी देर में आएगा। जल्दी बुला दो। मेरे रानू को जल्दी ला दो। इस बीच उनसे सरकार से शिकायत को लेकर किसी ने सवाल किया तो वह कहने लगीं कि रोजाना श्रीनगर से खबरें आती हैं। कभी किसी का लाल चला गया। कभी किसी का। मुझे कुछ नहीं पता। सरकार जो करे वह करे। मेरा तो लाल चला गया। लेकिन जिस तरह से मेरा लाल गया है, अब और किसी का न जाए। बस मुझे और कुछ नहीं कहना।
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शहीद मेजर केतन शर्मा की मां ऊषा
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सूरजकुंड पर बेहोश होकर गिर पड़ीं
अंतिम संस्कार के समय सूरजकुंड श्मशान घाट पर शहीद केतन की मां ऊषा की हालत बिगड़ गई। वे बेहोश होकर गिर गईं। सेना की डॉक्टर ने उनका चेकअप किया। पानी पिलवाकर होश में लाईं।