शिवरात्री की पूर्व संध्या पर जिले का माहौल पूरी तरह शिवमय हो गया। सुबह से लेकर शाम और रात भर बिना थके हाथों में गंगाजल लेकर कांवड़िए भोले की भक्ति में मस्त होकर शिवालयों की ओर दौड़ते रहे। हाईवे डाक कांवड़ियों के हवाले रहा और भगवान शिव के जयकारे गूंजते रहे। बड़ी संख्या में कांवड़िए शिवालयों में पहुंच भी गए।
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कांवड़ यात्रा 2019
- फोटो : अमर उजाला
श्रावण माह में 17 जुलाई से शुरू हुई कांवड़ यात्रा में अभी तक पैदल कांवड़िए की संख्या ही ज्यादा नजर आ रही थी, लेकिन सोमवार को डाक कांवड़ लाने वालों की संख्या ज्यादा रही। इसी कारण पुलिस ने कांवड़ मार्ग पर जगह जगह बैरिकेडिंग से रास्ते बंद कर दिए। कांवड़ मार्ग से जुड़े रास्तों पर बल्लियां लगाकर वाहनों की आवाजाही रोक दी है, ताकि कांवड़ियों के वाहन से टकराने पर कोई हादसा न होने पाए।
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कांवड़ यात्रा 2019
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पूरे दिन देहरादून हाईवे स्थित गागलहेड़ी से लेकर अंबाला हाईवे पर शाहजहांपुर चेक पोस्ट तक डाक कांवड़ियों का रैला ही नजर आया। लाल, पीली, नीली, हरी, काली और केसिरया के रंगे परिधानों में डाक कांवड़िए शिवालयों की ओर दौड़ रहे थे। एक कांवड़िया गंगाजल लेकर दौड़ रहा था तो दूसरा बाइक पर उसे आगे निकल उसके इंतजार में खड़ा रहा। उसके वहां पहुंचते ही वह उससे जल लेकर गंतव्य की ओर दौड़ा जबकि पहले वाला कांवड़िया बाइक पर बैठ गया। फिर तीसरा कांवड़िया वाहन से उतरकर आगे निकलकर उसके इंतजार में खड़ा हो गया। इसी तरह कांवड़ियों के ग्रुप पूरे दिन और रात भर चलते रहे। उनके साथ ही ट्रक, ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार ग्रुप के अन्य सदस्य चल रहे थे, जो बारी-बारी वाहन से उतरकर गंगाजल लेकर दौड़ रहे थे।
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कांवड़ यात्रा 2019
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बता दें कि डाक कांवड़ियों में हरियाणा, पंजाब, हिमाचल और सहारनपुर और पड़ोसी जनपदों की संख्या ज्यादा रही। कांवड़ मार्ग हर-हर महादेव, जय शंकर की, जय महाकाल, बोल बम, बम-बम के जयकारे गूंजते रहे।
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बाइक का साइलेंसर हटाकर चले कांवड़िए
ज्यादातर कांवड़ियों ने अपनी बाइक के साइलेंसर हटा रखे थे, जिससे बाइक तेज आवाज के साथ दौड़ रही थी। देहरादून रोड निवासी दुपहिया वाहन के मकैनिक नदीम का कहना है कि साइलेंसर हटाने पर बाइक पर तीन सवारी बैठाने के बाद भी बाइक फर्राटा भरती है और इंजन भी गर्म नहीं होता है। कांवड़ियों को निर्धारित समय में अपनी यात्रा पूरी करनी होती है। इस वजह से भी वह साइलेंसर हटाकर चलते हैं। ताकि बाइक गर्म न हो और तीन सवारी बैठाने पर भी तेज दौड़ते समय अनियंत्रित न हो।