भगवान महेश्वर को नमन करता हूं, जो नागराज को हार स्वरूप धारण करते हैं। जिनके तीन नेत्र हैं, जिनका शरीर भस्म से अलंकृत है। जो शाश्वत है। शुद्ध है, जिसके पास उसकी पोशाक के रुप में पूरा आकाश है। महाशिवरात्रि पर इन शब्दों को बोलते हुए शिवभक्ति भगवान शिव की भक्ति में लीन हो रहे हैं।
महाशिवरात्रि आज: शिवालयों में उमड़ी शिवभक्तों की भीड़, व्रत रखने वाले बरतें ये सावधानी
मंदिर समिति के महामंत्री सतीश सिंघल ने बताया कि बोल बम के जयकारे के बीच जलाभिषेक किया जा रहा है। छावनी क्षेत्र में व्यापारी और अन्य सामाजिक संगठनों द्वारा प्रसाद वितरित किया जाएगा। धर्म सेवा समिति की ओर से बाबा औघड़नाथ मंदिर के बाहर टैंकर से निशुल्क गंगाजल वितरित किया जा रहा है।
राधा कृष्ण मंदिर में सवा लाख दीप से होगी आरती
रजबन बड़ा बाजार के राधा कृष्ण मंदिर में सवा लाख दीप से महाकाल की आरती होगी। सिद्धपीठ श्री बिल्वेश्वर नाथ महादेव मंदिर में शिव संध्या और शिव विवाह का मंचन होगा। आचार्य पंडित हरीश चंद्र जोशी ने बताया कि शिव बारात सभी के लिए आकर्षण का केंद्र होगी।
मंदिर समिति की ओर से छप्पन भोग, महाआरती होगी। हरिनगर अष्ट भैरव मंदिर और बाबा मनोहरनाथ मंदिर में ढोल और नगाड़ों से और प्राचीन भोलेशंकर शिव मंदिर में दशम महाआरती होगी। बुढ़ाना गेट स्थित धर्मेश्वर महादेव मंदिर, साकेत शिव मंदिर, राजराजेश्वरी मंदिर में रुद्राभिषेक होंगे।
पुरा महादेव और औघड़नाथ मंदिर पर मिलेगा गंगाजल
महाशिवरात्रि पर श्रद्धालुओं को मेरठ और बागपत के प्रमुख मंदिरों में गंगाजल उपलब्ध कराया जाएगा। डाक विभाग की ओर से महानगर के औघड़नाथ मंदिर, बागपत के श्री परशुरामेश्वर महादेव मंदिर सहित पांच शिव मंदिरों में स्टॉल लगाए गए हैं।
श्रद्धालुओं को 30 रुपये में 250 मिली की बोतल मिलेगी। मेरठ के प्रवर अधीक्षक डाकघर उग्रसेन ने बताया कि बाबा औघड़नाथ मंदिर, शिव मंदिर बेगमबाग के अलावा बागपत के श्री परशुरामेश्वर महादेव मंदिर में गंगाजल उपलब्ध कराया जाएगा।
बेलपत्र, फूल और रुद्राक्ष से होगा बाबा का श्रृंगार
शिव मंदिरों में श्रद्धालु बेलपत्र, फूल और रुद्राक्ष से बाबा का श्रृंगार करेंगे। फूलों और फलों के साथ पंचामृत दूध, दही, घी, शहद, बूरा या गन्ने का रस भी अर्पित होगा। घरों में तैयार और बाहर से खरीदी मिठाइयों का भोग लगेगा।
श्रद्धालुओं ने कुशा, बेलपत्र, भांग, धतूरा के साथ ही वस्त्र, इत्र, चांदी और तांबे के नाग नागिन, श्रृंगी, पोशाक भी खरीदे। फूलों की मांग बढ़ने से इनकी कीमत भी प्रति माला 20 रुपये तक बढ़ गई। वहीं, व्रत की थाली भी 50 से 55 रुपये महंगी हुई है।