''तेरी बेटी के बलराम के साथ संबंध हैं और वह उससे मिलता रहता है। वह अब भी तेरे घर आया था।'' फोन पर यह बात सुनकर मृतका दृष्टि का पिता पुष्पेंद्र तिलमिला गया। इसके बाद अपने बेटे और भतीजे के साथ मिलकर बेटी और उसके प्रेमी बलराम की हत्या करने की ठान ली। उसने दोनों की हत्या की घटना को अंजाम दे दिया।
जोनमाना गांव का मरने वाला बलराम बीए का छात्र था और सेना में भर्ती की तैयारी कर रहा था। उसका गांव की ही 12वीं की छात्रा दृष्टि के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। इसकी जानकारी गांव के कई लोगों को हो गई थी, जो बलराम की गतिविधियों पर नजर भी रखते थे।
2 of 9
जांच पड़ताल करते अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
प्रेमी को घर बुलवाया और दोनों को मार डाला
रविवार सुबह गांव के ही व्यक्ति ने पुष्पेंद्र को फोन कर उसकी बेटी दृष्टि के संबंध बलराम से होने की जानकारी दी। इसके बाद पुष्पेंद्र अपने बेटे शक्ति और भतीजे सुमित के साथ घर पहुंचा और बलराम को बुलवा लिया। बेटी से संबंध होने से गुस्साए पुष्पेंद्र, शक्ति और सुमित ने दृष्टि और बलराम की रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी।
3 of 9
डबल मर्डर के बाद विलाप करते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
हत्या करके घर में बैठा रहा, फिर खुद ने ही पुलिस को फोन किया
पुलिस के अनुसार, हत्या की घटना को रविवार सुबह करीब नौ बजे अंजाम दिया गया। उसके बाद पुष्पेंद्र घर में बैठा रहा और उसका बेटा व भतीजा वहां से भाग गए। करीब आधा घंटा बाद जब ग्रामीणों को भी हत्या के बारे में पता चला गया तो पुष्पेंद्र ने भी अपने मोबाइल से पुलिस को फोन किया।
4 of 9
डबल मर्डर के बाद गांव में लगी लोगों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
बागपत में प्रेमी और प्रेमिका की गला घोंटकर हत्या
बागपत के बड़ौत के जोनमाना गांव में रविवार सुबह बीए के छात्र बलराम (19) और उसकी प्रेमिका 12वीं की छात्रा दृष्टि (18) की रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी गई। युवती के पिता पुष्पेंद्र ने बेटे शक्ति और भतीजे सुमित के साथ मिलकर अपने घर में हत्या की घटना को अंजाम दिया। युवक के पिता राजेश्वर ने मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने युवती के पिता पुष्पेंद्र को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त रस्सी बरामद की।
5 of 9
बलराम का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
आधा घंटे बाद बंद मिला फोन
जोनमाना गांव के रहने वाले राजेश्वर ने पुलिस को दी सूचना में बताया कि उसका बेटा बलराम रविवार की सुबह घर के दरवाजे पर खड़ा होकर टूथपेस्ट कर रहा था। गांव के ही पुष्पेंद्र का बेटा शक्ति अपने चचेरे भाई सुमित के साथ वहां आया। शक्ति और सुमित उसके बेटे बलराम को किसी काम के बहाने बुलाकर अपने साथ घर ले गए। करीब आधा घंटा बाद बलराम का फोन बंद मिला तो वह उसके बारे में पूछताछ करने लगे।