अनंत उत्साह, कांवड यात्रा ने बदली शहर की फिजा, 2 करोड़ 76 लाख कांवड़ियों ने हरिद्वार से गंगा जल उठाया
24 घंटे झांकियों में लाइव प्रस्तुति
कांवड़ यात्रा के बीच शिवाया टोल प्लाजा पर ऐसे ही एक कांवड़ियों का जत्था विश्राम करने के बाद अपनी प्रस्तुति की तैयारी कर रहा है। पूजा अर्चना के बाद झांकी शहर में दाखिल होती हैं। यह जत्था लाइव प्रस्तुति में भगवान शिव का नृत्य प्रस्तुत कर रहा है। राधा कृष्ण की झांकी भी दिखाई जा रही है। बीते सालों के मुकाबले इस बार झांकी कांवड़ की संख्या दोगुनी है। दो दिन में शहर और हाईवे से करीब तीन लाख कांवड़िया गुजर चुका है। शहर में लगे शिविरों में अब मेरठ के भी कांवड़िया पहुंचने लगे हैं। शिविर संचालक भी दो शिफ्ट में सेवा कार्य में जुटे हैं।
देखने उमड़ी भीड़
श्रावण मास की दशमी (शनिवार) को शहर ने रतजगा किया। शिवभक्ति में लीन कांवड़ियों और झांकियों को देखने जनता सड़कों पर उमड़ पड़ी। शहर के सभी मार्गों पर शिव भक्तों का हुजूम दिखा। प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु मेरठ की सीमा में प्रवेश कर रहे हैं।
झांकियों में लगा टेक्नोलॉजी का तड़का
परंपरागत झांकियों में इस बार टेकभनोलॉजी का तड़का लगाने का भी प्रयास किया गया है। शहर से निकलने वाली कई झांकियां स्वचालित हैं। भगवान शिव की झांकी में उनके हाथ में डमरू घूमता नजर आता है। नोएडा की इस झांकी के साथ 25 कांवड़ियों का ग्रुप था। झांकी के आगे महाकाल की टीशर्ट में कांवड़िये तांडव करते हुए चल रहे थे। एक अन्य झांकी में भगवान शिव की आंखें घूमती नजर आईं। एक झांकी में भगवान शिव के सिर पर शेषनाथ के फन हिलते दिखे।
सिवाया गांव के पास मेरठ रसोई के ट्रस्टी दीपक एलेन ने कांवड़ शिविर लगाया है। उन्होंने बताया कि उनका यह शिविर 39 वर्ष पुराना है। शिविर में चेकोस्लोवाकिया निवासी उनकी पुत्रवधू इवाना एलेन अपनी छोटी बच्ची एवं परिजनों के साथ शिवभक्तों की सेवा में लगी हैं। इवाना मेरठ में रहकर यहां की संस्कृति को जान गई हैं। चिकित्सक होने बाद भी उसे हर वर्ष कांवड़ यात्रा का इंतजार रहता है।