श्रावण मास के सुहावने मौसम में हर तरफ शिवभक्तों का ही बोलबाला है। सकौती से लेकर परतापुर तक मार्ग पर कांवड़िये ही कांवड़िये नजर आ रहे हैं। इनमें महिलाएं, बच्चे, किशोर, युवा और वृद्ध भी शामिल हैं। बोल बम और जय महाकाल जैसे जोशीले नारे लगाते ये भक्त अपने लक्ष्य की तरफ बढ़ रहे हैं।
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हरिद्वार से कांवड़ लाते कांवड़िये
- फोटो : अमर उजाला
गुरुवार को जगह-जगह कांवड़िये डीजे पर थिरकते नजर आए। वहीं कांवड़ सेवा शिविरों में कई पूजापाठ करते भी दिखे। उधर रुड़की रोड और शहर में लगे शिविरों में भी कांवड़ियों का आवागमन जारी रहा।
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केसरिया रंग में रंगा हाईवेट
- फोटो : अमर उजाला
बाईपास से गुजरने वाले ज्यादातर कांवड़िये प्रशासन की व्यवस्थाओं से खुश नजर आए। गुरुगाम निवासी ओमप्रकाश ने बताया कि पहली बार कांवड़ यात्रा के दौरान हरिद्वार से मेरठ तक उन्हें पूरे मार्ग पर विद्युत पोल केसरिया पन्नी से ढके नजर आए। प्रकाश, सफाई आदि की भी व्यवस्था अच्छी है। नरेंद्र ने बताया कि शौचालय की भी जगह जगह व्यवस्था है।
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हरिद्वार से कांवड़ लाते कांवड़िये
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दिल्ली के कांवड़ियों की बढ़ी संख्या
हाईवे पर दिल्ली के कांवड़ियों की संख्या बढ़ी है। दिल्ली के साबरडेरी क्षेत्र के कांवड़ियों ने बताया कि उनके क्षेत्र से करीब तीन हजार लोग प्रतिवर्ष कांवड़ लाते हैं। हर्ष विहार निवासी नीलम ने बताया कि वह अपने तीन बच्चों के साथ कांवड़ ला रही हैं। शाहदरा निवासी रूबी ने बताया कि वह पहली बार कांवड़ ला रही हैं। उनके साथ आठ वर्षीय बेटा रोहित और 11 वर्षीय बेटा प्रदीप भी हैं।
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हरिद्वार से कांवड़ लाते कांवड़िये
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दंपती गोमुख से लाए जल
दिल्ली शाहदरा निवासी दंपती जगदीश और पूजा गोमुख से जल लेकर आए हैं। उन्होंने बताया कि वह 550 किलोमीटर की यात्रा 28 जुलाई को पूरी कर लेंगे। जगदीश ने बताया कि दिल्ली के 25-30 युवकों का ग्रुप भी उन्हें गोमुख में मिला था।