मेरठ जिले के लोग छोटी-छोटी परेशानियों को भी झेल नहीं पा रहे हैं और अपनी जीवन लीला खत्म कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को शहर से लेकर देहात तक चार लोगों ने अपनी जान दे दी। इनमें कैंट स्थित दीवान पब्लिक स्कूल की 10वीं की छात्रा, ज्ञानकुंज कॉलोनी में एक महिला, प्रगति नगर में कंप्यूटर ऑपरेटर और सरधना में महिला ने आत्महत्या कर ली। इनके अलावा परीक्षितगढ़ थाने के बाहर एक महिला ने जहर खाकर जान देने की कोशिश की।
UP: लिव-इन में विवाद तो कहीं नौकरी जाने पर आत्महत्या, सामने आए ये चार दर्दनाक मामले, हर तरफ मचा कोहराम
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प्रदीप चौधरी मूलरूप से गाजियाबाद के मोदीनगर थानाक्षेत्र के अबूपुर गांव के निवासी हैं। दो साल से वह जागृति विहार सेक्टर-4 में गिरजा शंकर अग्रवाल के मकान में ऊपरी मंजिल पर किराये पर रह रहे हैं। हर्षिता की आठ साल की बहन खुशी है और डेढ़ साल का भाई हर्ष है। पिता प्रदीप सुबह नोएडा के लिए गए थे। खुशी स्कूल चली गई थी। सुबह 10 बजे हर्षिता की मां शिखा पड़ोस में सामान लेने गई थीं। घर पर ही हर्ष सोया हुआ था। इसी दौरान हर्षिता ने अपने कमरे में जाकर अंदर से कुंडी लगा ली और कनपटी पर गोली मारकर खुदकुशी कर ली। करीब 10 मिनट बाद शिखा लौटीं तो हर्षिता के कमरे का दरवाजा बंद मिला। उन्होंने कई बार बेटी को आवाज दी, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
नौकरी छूटने पर कंप्यूटर ऑपरेटर ने दी जान
मेरठ में सिविल लाइन के प्रगति नगर में बृहस्पतिवार को मुजफ्फरनगर के जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में संविदा पर कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी चले जाने के बाद राजीव मलिक (43) ने घर पर गमछे से फंदा लगाकर जान दे दी। परिजनों के मुताबिक नौकरी जाने के बाद से वह तनाव में था। एक सप्ताह पहले ही उसे सेवा से हटाया गया था।
राजीव मलिक मूलरूप से जनपद बुलंदशहर के ग्राम मानपुर के निवासी थे। वह यहां प्रगति नगर में रह रहे थे। परिवार में पत्नी पूनम के अलावा दो बच्चे शिवांगी और अर्णव हैं। बृहस्पतिवार को बच्चे स्कूल और पत्नी सिलाई का काम करने गई थी। घर पर राजीव अकेले थे। दोपहर में पूनम घर पहुंचीं तो राजीव को न पाकर हैरान रह गई। काफी देर तक नजर नहीं आए तो पूनम अंदर वाले कमरे में चली गई। यहां गमछे के फंदे से उन्हें लटका हुआ पाया। रोशनदान वाली जगह में गमछा डालकर फंदा लगाया गया था। बादमें पूनम और बच्चे बिलखने लगे। इस घटना पर सीओ सिविल लाइन अरविंद चौरसिया का कहना है कि जांच की जा रही है।
लिव-इन में रह रहे प्रेमी से विवाद होने पर की खुदकुशी
मेरठ में गढ़ रोड स्थित ज्ञानकुंज कॉलोनी में बृहस्पतिवार रात आठ बजे प्रीति (29) का शव पंखे पर फंदे पर लटका मिला। पुलिस के मुताबिक प्रीति अपने प्रेमी संजय के साथ लिव-इन में रह रही थी। इससे पहले प्रीति का संजय के साथ किसी बात पर विवाद भी हुआ था। पुलिस ने संजय को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है।
परीक्षितगढ़ स्थित गोविंदपुर निवासी छत्रपाल की बेटी प्रीति की शादी दस साल पहले बुलंदशहर के स्याना थानाक्षेत्र के लडहान गांव में हुई थी। पति से प्रीति का तलाक हो गया था। इसके बाद दूसरी शादी परीक्षितगढ़ के मवी गांव में हुई। वहां भी पति से विवाद हो गया। आठ साल पहले बागपत के खेड़ा गांव निवासी नीरज के साथ हुई। नीरज और प्रीति के बेटा कृष्ण (7) और बेटी राधा (5) है। दंपती में विवाद होने के चलते प्रीति एक साल से अपने मायके में बेटे कृष्णा के साथ रह रही थी।
पुलिस के मुताबिक प्रीति का मायके में रहते हुए संजय से प्रेम-प्रसंग हो गया। इसके चलते संजय ने ज्ञानकुंज कॉलोनी में एक मकान लिया। यहां प्रीति संग रहने लगा है। बृहस्पतिवार को प्रीति का शव पंखे पर लटका मिला। इसकी जानकारी पर प्रीति के मायके वाले पहुंचे, तब तक संजय वहां से भाग चुका था। जानकारी पर भावनपुर पुलिस पहुंची। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम हाउस भेजा। प्रीति के भाई कपिल ने आशंका जताई कि उसकी बहन की हत्या की गई है। प्रीति बुधवार को अपनी मां कमलेश से मिलकर आई थी। पुलिस ने संजय को पकड़ लिया है। संजय ने बताया कि रात में वह घर के बाहर टहल रहा था। तभी प्रीति ने फांसी लगाकर जान दे दी। एसएसपी रोहित सिंह सजवाण का कहना है कि शुरूआती जांच में मामला आत्महत्या का ही लग रहा है।
पिठलोकर में विवाहिता ने फांसी लगाकर जान दी
मेरठ में सरधना थाना क्षेत्र के गांव पिठलोकर में विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने ससुरालियों पर विवाहिता को फांसी लगाकर हत्या करने का आरोप लगाया तथा कार्रवाई की मांग करते हुए हंगामा किया। पुलिस ने उन्हें शांत कराया और शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों ने थाने में तहरीर दी। खबर लिखे जाने तक मुकदमा दर्ज नहीं हो पाया था।
मुजफ्फरनगर के थाना मोरना क्षेत्र के गांव भुवापुर निवासी बबीता (24) पुत्री धर्मपाल की शादी चार साल पहले पिठलोकर गांव में हुई थी। मायके वालों ने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह बबीता के पति ने हालत बिगड़ने सूचना दी। वह पिठलोकर पहुंचे तो बबीता मृत अवस्था में चारपाई पर पड़ी मिली। ससुराल वालों ने बताया कि बबीता ने फांसी लगाई है। मायके वालों ने हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। परिजनों का गुस्सा बढ़ते देख पति व अन्य ससुराल वाले फरार हो गए।