मेरठ के जागृति विहार में छात्रा हर्षिता की खुदकुशी के कारणों की जांच में पुलिस टीम जुट गई है। पिता ने खुदकुशी का कारण प्री-बोर्ड परीक्षा का तनाव बताया है, लेकिन पुलिस का मानना है कि कुछ अन्य हालात भी घटना के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं। परिवार की मुफलिसी, छात्रा को दौरे की बीमारी और कुछ अन्य परिस्थितियां भी जांच में सामने आई हैं। वहीं, पुलिस अवैध पिस्टल की जांच के साथ छानबीन कर रही है कि बिटिया ने जिस अवैध पिस्टल से जान दी है, वह घर में कैसे पहुंची।
UP: खुदकुशी की ऐसी वारदात, जिसने अफसरों को भी उलझाया, पिता ने दिया ये बयान, जल्द खुलेगा पिस्टल का राज
पड़ोसी रिंकू ने बताया कि हर्षिता की मां शिखा बुलाकर ले गई थी। मैंने पहले दरवाजा खोलने का प्रयास किया, लेकिन अंदर से कुंडी लग हुई थी। दरवाजा कटर से काटा व फिर अंदर कमरे में पहुंचे। जहां पर हर्षिता का शव पड़ा था। पड़ोसी अनिल कुमार कहते हैं कि चार दिन पहले एक शादी कार्यक्रम में हर्षिता मिली थी। वह बहुत खुश थी। मुझे नहीं लगा कि वह डिप्रेशन में है। उसने ऐसा कदम क्यों उठाया, मुझे नहीं पता।
स्कूल की फीस को लेकर भी था तनाव
प्रदीप चौधरी का परिवार इन दिनों मुफलिसी से गुजर रहा है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि प्रदीप पहले ट्रेवल्स एजेंसी में मैनेजर थे। कोरोना के चलते काम छूट गया था। अब वह घर से ट्रांसपोर्ट का काम करते थे। उनकी आठ साल की बेटी खुशी भी दीवान स्कूल में पढ़ती हैं। पुलिस ने बताया कि स्कूल की फीस जमा न होने पर हर्षिता ने भी तनाव लिया था।
एक साल से दौरे की बीमारी से थी परेशान
पुलिस के मुताबिक, हर्षिता के परिजनों और आसपास के लोगों से पता चला कि छात्रा को एक साल से दौरे भी पड़ रहे थे। वह काफी परेशान रहती थी। पिछले कुछ समय में ही उसकी तीन बार तबीयत खराब हो चुकी थी। वहीं, पढ़ाई का भी तनाव था। कुछ दिन से वह गुमसुम थी। किसी को इस बात का अंदेशा नहीं था कि वह आत्महत्या भी कर सकती है। यह भी पता चला है कि कोरोना संक्रमित होने के बाद पिता की एक आंख खराब हो गई थी।
पिस्टल कहां से आई, अधिकारियों ने मांगी रिपोर्ट
दसवीं की छात्रा के पास अवैध पिस्टल कहां से आई है। इसकी रिपोर्ट आईजी और एसएसपी ने इंस्पेक्टर मेडिकल अखिलेश गौड़ से मांगी है। उसके कमरे में अवैध पिस्टल किसने रखी थी। इसको लेकर छात्रा के पिता प्रदीप चौधरी और उसकी मां शिखा से पूछताछ की जाएगी। पुलिस इसको लेकर पुलिस जांच कर रही है।