ईद-उल-फितर पर ईदगाहों और मस्जिदों में लाखों लोगों ने अकीदत के साथ नमाज अदा की। नमाज के बाद देश में खुशहाली और अमन चैन की दुआ मांगी गई। पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए। अगली स्लाइडों में देखिए तस्वीरें:-
तकरीर में काजी नदीम अख्तर ने कहा कि बेहतरीन इंसान वही है, जो किसी को तकलीफ न पहुंचाए। जिस तरह हम रमजान माह में गुनाहों से बचते हैं। इसी तरह साल के 11 महीनों भी अपना जीवन व्यतीत करेंगे तो अल्लाह राजी हो जाएंगे। ईद के मायने भाईचारा कायम करना है। इंसान को इंसान के काम आना चाहिए।
उन्होंने बताया कि अल्लाह उस व्यक्ति को पसंद करते हैं, जो दूसरों के काम आता है। हमें दूसरों को खुशी और राहत देनी चाहिए। गरीब लोगों के प्रति हमदर्दी रखनी चाहिए। उन्होंने ईद की बधाई देते हुए भाईचारा कायम रखने की अपील की।
वहीं चौक फव्वारा स्थित जामा मस्जिद में इमाम मुफ्ती कारी अरशद गोरा ने नमाज अदा कराई। प्रबंधक मौलवी फरीद ने कहा कि कोई भी मजहब हमें बैर रखना नहीं सिखाता है। इस्लाम मोहब्बत का पैगाम देता है। अल्लाह की नजरों में सच्चा इंसान वही है, जो दूसरों की मदद करता और अपने गुनाहों से तौबा करता है।
उधर, नमाज के दौरान पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए। पुलिस के मुताबिक लाखों लोगों ने एक साथ नमाज अदा की। सुरक्षा के व्यवस्था के पुख्ता बंदोबस्त किए गए थे। पुलिस के साथ ही आरआरएफ के जवान भी तैनात रहे। नगर निगम की तरफ से साफ-सफाई, चूना छिड़काव आदि की व्यवस्था कराई गई थी। नमाज के दौरान रूट डायवर्ट रहा और अंबाला सहारनपुर हाइव पर वाहनों की आवाजाही बंद रही।