उत्तर प्रदेश के बागपत में खेकड़ा थानाक्षेत्र के बसी गांव में रंजिश के कारण सतसिंह का पूरा परिवार ही उजड़ गया। जहां पहले उसके बेटे ऋषिपाल की जेल में हत्या हो गई थी और उसके बाद सतसिंह व पोता ही परिवार चलाते थे। लेकिन अब उन दोनों की हत्या होने से परिवार का गुजारा करने वाला भी नहीं बचा है। वहीं दोनों की हत्या की सूचना ऋषिपाल की पत्नी को दी गई तो वह देर रात तक यहां पहुंची और उसने मुकदमा दर्ज कराया।
दादा पोते की हत्या: रंजिश में उजड़ गया परिवार, पत्नी छोड़ गई थी गांव, गुजारा करने वाला भी नहीं बचा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इस मामले में सतसिंह और ऋषिपाल जेल गए थे। वहीं, दो मई 2020 को ऋषिपाल की हत्या कर दी गई थी। उसकी हत्या जेल में बंद काठा गांव के बदमाशों ने कट्टन से हमला करके की थी। उसके बाद से सतसिंह व पोता मनदीप ही खेती संभालते थे।
ये दोनों परिवार का गुजारा करते थे। अब रंजिश में उन दोनों की भी हत्या कर दी गई। इनका खून भी अपनों ने बहाया। इस तरह अपनों से रंजिश के कारण पूरा परिवार ही उजड़ गया। सीओ युवराज सिंह का कहना है कि सतसिंह और पोते मनदीप की हत्या में शामिल आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस टीमें लगी हुई हैं। आरोपियों को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।
पत्नी छोड़ गई थी गांव
सतसिंह का कुछ वर्षों पहले तक भरा पूरा परिवार था। उनके ऋषिपाल और आनंद दो पुत्र थे। आनंद की करीब बीस वर्ष पहले संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। इसके बाद ऋषिपाल की शादी हुई थी। ऋषिपाल के दो पुत्र और एक पुत्री हैं। जिला जेल मे ऋषिपाल की हत्या के बाद उसकी पत्नि गांव छोडं गई थी। वह अपने साथ एक पुत्र और पुत्री को भी ले गई थी। तभी से वह मुजफ्फरनगर में रह रहे हैं। यहां गांव में सतसिंह और उनका पोता मनदीप ही रहते थे। सोमवार को उन्हें मौत के घाट उतार दिया।
सतसिंह और उसके पौत्र पर चलते ट्रैक्टर पर ही बदमाशों ने अंधाधुंध गोलिया बरसाईं। इससे दोनों के खून से लथपथ शव ट्रैक्टर पर ही पड़े रहे। सीओ युवराज सिंह ने बताया कि दोनों को करीब पंद्रह-बीस गोलियां मारी गई हैं। जिनमें से पंद्रह खोखे मौके से बरामद हुए हैं। यह माना जा रहा है कि गोलियां पिस्टल से चलाई गई हैं। सुरक्षा की दृष्टि से गांव में पुलिस बल तैनात किया गया है।