बिजनौर जनपद के मंडावर थाना क्षेत्र में गंगा के कटान से बचाव के लिए सिंचाई विभाग ने कुछ गांवों के किनारे अस्थायी तटबंध बनाने शुरू कर दिए हैं। गंगा किनारे बल्लियां गाड़कर उनके बीच में मिट्टी से भरी बोरी रखी जा रही हैं। इससे कटान से कुछ निजात मिली है। गांव वालों ने गंगा के कटान से निजात दिलाने के लिए स्थायी तटबंध बनवाने की मांग की है।
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मंडावर के ग्राम सिमली के पास हो रहे कटान को रोकने के लिए प्रशासन द्वारा लगवाई जा रही बल्लियां
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गांव सिमली, फतेहपुर सभाचंद के सामने गंगा की धारा तेजी से कटान कर रही है। गंगा खेतों की मिट्टी काटते हुए तेजी से गांवों की ओर बढ़ रही है। मंगलवार को डीएम रमाकांत पांडेय, पूर्व सांसद भारतेंद्र सिंह आदि ने कटान का निरीक्षण किया था। बुधवार को गांव में कटान से निजात दिलाने के लिए अस्थायी तटबंध बनने शुरू हो गए हैं। सिंचाई विभाग ने गंगा किनारे बल्ली की दो बाड़ लगाई हैं। इनके बीच में करीब दो फीट का अंतर रखा गया है। इनके बीच में मिट्टी भरे बोरे रखे जा रहे हैं।
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गंगा नदी के कटान को दिखाते गांव गौसपुर के किसान
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गंगा की तेज लहरें अब तट के पास कटान करने के बजाए मिट्टी भरी बोरियों से टकराकर लौट रही हैं। गांव सिमली, फतेहपुर सभाचंद के पास ये अस्थायी तटबंध बनाए जा रहे हैं।
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गांव गौसपुर की कृषिभूमि का गंगा नदी ने किया कटान
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सिंचाई विभाग के जेई जोगेंद्र कुमार की देखरेख में अस्थायी तटबंध बनाए गए। गांव कुंदनपुर, मिर्जापुर, मीरापुर, कोहरपुर, डेबलगढ़, राजारामपुर, चाहड़वाला, रावली आदि गांवों की ओर भी गंगा कटान करते हुए बढ़ रही है। इन गांवों को बचाने के लिए अभी तक कोई प्रयास शुरू नहीं किए गए हैं।
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ग्राम शाहलीपुर कोटरा के पास बने पुल की टूटी सड़क
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क्षेत्रीय किसानों राजवीर सिंह, अतुल कुमार, नौबहार आदि का कहना है कि सिंचाई विभाग द्वारा अस्थायी कार्य किया जा रहा है। गंगा के उग्र रूप के सामने ये बल्लियां नहीं टिक पाती हैं। पहले भी ऐसा कार्य किया जा चुका है, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। सिंचाई विभाग को गंगा किनारे पत्थरों के स्थायी तटबंध बनाने चाहिएं। गंगा के कटान से निजात न दिलाने पर गांव वालों ने आंदोलन करने की चेतावनी दे रखी है।