दिल्ली की हिंसा में इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के सुरक्षा सहायक अंकित शर्मा की हत्या की खबर मिलते ही उनके पैतृक गांव इटावा में परिजनों में कोहराम मच गया। पूरे गांव में शोक व्याप्त हो गया। अंकित की हत्या से ग्रामीणों में आक्रोश है। परिजनों ने कहा कि दिल्ली की हिंसा ने कभी नहीं भूल पाने वाला जख्म दे दिया।
2 of 7
मृतक के घर लगा तांता
- फोटो : अमर उजाला
परिजनों की मांग है कि हत्यारों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। परिवार के लोग सूचना के बाद दिल्ली रवाना हो गए, जबकि यहां घर पर शोक संवेदना देने वालों का तांता लगा है।
3 of 7
विलाप करते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
बुढ़ाना कोतवाली क्षेत्र के गांव इटावा निवासी रविंद्र शर्मा भी आईबी में हैं। वे परिजनों के साथ कई साल से दिल्ली में रहते हैं। उनका मझला बेटा अंकित शर्मा (25) इंटेलिजेंस ब्यूरो में सुरक्षा सहायक के पद पर तैनात था। तीन साल पहले इंटेलिजेंस ब्यूरो में अंकित शर्मा भर्ती हुआ था। वर्तमान में वह दिल्ली के धौलाकुंआ पर तैनात थे। अंकित शर्मा के चाचा राजीव व चचेरे भाई सागर शर्मा ने बताया कि अंकित 25 फरवरी को अपनी ड्यूटी पूरी करने के बाद रोजाना की भांति बाइक से अपने घर दिल्ली के भजनपुरा स्थित खजूरी में आ गया था। घर पर आने के बाद वह शाम करीब पांच बजे घर से पैदल ही हालत की जानकारी लेने के लिए निकल गए। शाम को उसके वापस न आने पर पिता व परिजनों ने क्षेत्र के सभी थानों में अंकित शर्मा की गुमशुदगी की सूचना दर्ज करवाई थी।
4 of 7
अंकित का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
वहीं बुधवार को पुलिस को घर से थोड़ी दूरी पर चांदबाग नाले में तीन लाशें पड़ी होने की सूचना मिली। पुलिस ने तीनों लाशों को लेकर उनकी शनाख्त करवाई। पुलिस द्वारा दी गई सूचना पर थाने में पहुंचे परिजनों ने अंकित की शनाख्त की। अंकित का शव देखकर परिवार में कोहराम मच गया।
5 of 7
अंकित का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
उधर, घटना की सूचना मिलते ही रिश्तेदार व परिजन भी दिल्ली पहुंच गए। बेटे की हत्या से परिवार में जबरदस्त रोष है। पूरे परिवार में शोक छाया है। इटावा गांव भी शोक में डूबा हुआ है। मृतक के पैतृक आवास पर ग्रामीणों व रिश्तेदारों का आवागमन लगा हुआ है।