मेरठ के परीक्षितगढ़ में दीपक के कटे सिर को रख कर धरना दे रहे ग्रामीण और परिजनों के डीएम दीपक मीणा और एसएसपी रोहित सिंह सजवाण भी पहुंचे। इस दौरान ग्रामीणों ने डीएम और एसएसपी को भी अपने बीच बैठा लिया। ग्रामीणों ने एसएसपी से कहा है कि मुख्यमंत्री से बात कराओ, इस केस की सीबीआई जांच कराओ, तभी त्यागी समाज जाम खोलेगा और धरना समाप्त करेगा। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस ने उन लोगों को बचाया है, जो दीपक की हत्या में मुख्य आरोपी हैं। इस मामले में बड़ी साजिश चल रही है। इस दौरान परिजनों ने अपनी मांगों को लिखा हुआ एक ज्ञापन डीएम और एसएसपी को सौंपा।
Deepak Murder: परिजन बोले- असली हत्यारों को बचा रही पुलिस, मांगा 1 करोड़ रुपये मुआवजा, DM-SSP को सौंपा ज्ञापन
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किसान नेता मांगेराम त्यागी ने कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ पीड़ित परिवार से बात कर सीबीआई जांच कराएं। उन्होंने सवाल उठाए कि छह इंच के गड्ढे में सिर कैसे दबाया जा सकता है। दीपक के पिता धीरेंद्र त्यागी ने कहा कि फैमीद नट की बेटी से संबंध की बात कहकर पुलिस उनके बेटे को बदनाम कर रही है।
परीक्षितगढ़ थाना क्षेत्र के खजूरी गांव निवासी दीपक त्यागी के कटे हुए सिर को सड़क पर रखकर किसान नेता मांगेराम त्यागी के नेतृत्व में 20 घंटे सड़क पर धरना चला। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन और भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कहा कि त्यागी समाज का शोषण हो रहा है। असली हत्यारों को बचाया जा रहा है। दीपक की हत्या के मामले में बड़ी साजिश रची गई। यह दुस्साहस एक वारदात है।
परिजनों का कहना है कि दीपक के असली हत्यारों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करके हत्याकांड की तुरंत फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम जांच कराकर आरोपियों को फांसी दी जाए। शासन द्वारा केस की सीबीआई-एनआईए जांच की जाए। पीड़ित परिवार को तार-तार कर के पीड़ित परिवार को गुमराह करने वाले अधिकारियों को तत्काल सस्पेंड किया जाए और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही की जाए।
उनका कहना है कि परिवार में दीपक इकलौता कमाने वाला व्यक्ति था। ऐसे में परिवार के एक सदस्य को योग्यता अनुसार सरकारी नौकरी दी जाए। इसके साथ ही परिजनों ने कहा कि एक करोड़ की मुआवजा राशि परिवार की बेटियों की शादी एवं पारिवारिक जीवन यापन सहयोग के लिए दी जाए। परिवार की सुरक्षा हेतु शस्त्र लाइसेंस एवं सुरक्षाकर्मी भी दिया जाए।
उपरोक्त मांगों को लेकर कार्रवाई के लिए ग्रामीणों ने शासन और प्रशासन को 9 अक्तूबर तक का समय दिया है। इसी दिन दीपक की शोक सभा में महापंचायत गणमान्य व साधु संत द्वारा निर्धारित की गई है।
ग्रामीणों ने कहा कि शासन-प्रशासन को अवगत कराया जाता है कि अगर समय रहते दीपक के हत्यारों को व संबंधित मांगों पर गंभीरतापूर्वक व निर्णायक कार्रवाई नही की गई तो महापंचायत के द्वारा आगे का फैसला लिया जाएगा।
वहीं धरने में पहुंचे डीएम और एसएसपी ने परिजनों और ग्रामीणों की बात सुनी और उनकी मांगों का ज्ञापन लिया। डीएम और एसएसपी ने कहा कि उनकी सभी मांगों को पूरा कराने की कोशिश की जाएगी। अधिकारियों के आश्वासन पर ग्रामीणों ने जाम खोला। हालांकि डीएम और एसएसपी के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने फिर से जाम लगा दिया है। ग्रामीण मुख्यमंत्री से बात कराने की मांग पर अड़े हैं।