मेरठ के दुल्हैड़ा गांव में दीपक चौहान की हत्या की वारदात से हर कोई सकते में है। इस सनसनीखेज हत्या सीन याद कर लोग सिहर उठते हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि गुरुवार रात दीपक घर में परिवार संग सोए थे। रात करीब 11:30 बजे अचानक चाचा वीर सिंह की चीख-पुकार सुन दीपक जाग उठा और शोर मचाया। हिस्ट्रीशीटर रितिक वाल्मीकि और उसका भाई भोलू वाल्मीकि दीवार फांद अंदर घुस गए। दोनों भाइयों के हाथों में जानवरों को काटने वाले चाकू थे। हिस्ट्रीशीटर ने दीपक पर चाकू से ताबड़तोड़ वार करता रहा और उनका परिवार बचाओ-बचाओ चीखता रहा।
Murder: चीखते रहे परिजन, चाकू से वार करता रहा हिस्ट्रीशीटर, हत्या के बाद जातीय तनाव
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दीपक चौहान की हत्या से दुल्हैड़ा गांव में तनाव है। आरोपियों का घर फूंकने के बाद पुलिस ने गांव के चप्पे-चप्पे पर पहरा लगाया। पीड़ित परिवार ने कहा कि आरोपियों के घर पर बुलडोजर नहीं चला तो वह शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। हालात बेकाबू होते देख अफसरों ने पीएसी बुला ली।
एसएसपी व एसपी सिटी, सीओ ने पीड़ित परिवार को आश्वासन दिया कि आरोपियों पर मजबूत कार्रवाई करेंगे। आईजी प्रवीण कुमार ने बताया कि मामूली कहासुनी के बाद आरोपियों ने वारदात को अंजाम दिया है। चाचा वीरसिंह की तहरीर पर रितिक समेत चार लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। रितिक व उसके भाई भोलू को गिरफ्तार किया गया है। पीड़ित परिवार शाम पांच से रात 12:18 बजे तक शव दुल्हैड़ा मार्ग पर रखकर बैठे रहे। आधी रात को पुलिस की मौजूदगी में मृतक का अंतिम संस्कार किया गया।
हाथ नहीं आए दो आरोपी
दीपक की हत्या के बाद दुल्हैड़ा में जातीय तनाव हो गया। शुक्रवार दिनभर गांव में बवाल रहा। पुलिस पीड़ित पक्ष को समझाती रही कि दोनों आरोपी गिरफ्तार हो गए है। शव करीब सात घंटे सड़क रखकर जाम लगाने की गूंज लखनऊ तक पहुंची।
वहीं हालत बेकाबू होने पर रात 10 बजे पुलिस गांव से बाहर दुल्हैडा पुलिस चौकी पर आकर बैठ गई थी। रात 12:30 बजे पुलिस ने दीपक के भाई संदीप को समझाया, तब जाकर शव का अंतिम संस्कार के लिए परिजन राजी हुए। पुलिस की मौजूदगी में अंतिम संस्कार हुआ। वहीं नामजद हत्यारोपी शिवम और डब्बू पुलिस के हाथ नहीं आए हैं।
दीपक की हत्या के बाद शुक्रवार को गांव में मातम छाया रहा। किसी के घर में चूल्हा नहीं जला। दिनभर ग्रामीण परिवार को सांत्वना देते रहे। पोस्टमार्टम के बाद दीपक का शव गांव पहुंचा तो ग्रामीण रो पड़े। उन्होंने आरोपियों को सख्त सजा दिए जाने की मांग की। शनिवार को भी दिन पर क्षेत्र में पुलिस बल तैनात रहा। गांव में तनावपूर्ण शांति है।
हंगामे की आशंका में पुलिस ने शव आने से पहले ही भाजपा नेत्री मीनाक्षी चौहान को उनके घर में नजरबंद कर दिया। जानकारी होने पर भारी संख्या में महिलाएं उनके घर पहुंच गई और उन्हें मौके पर लेकर पहुंची।