फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

आग का गोला बना मकान: अंदर जिंदा जलती रहीं बेटियां, बाहर चीखते रहे बेबस परिजन

Mon, 29 Nov 2021 11:46 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Mon, 29 Nov 2021 11:46 AM IST
विज्ञापन
Daughters kept burning alive inside, helpless relatives kept screaming outside after a house got on Fire
विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला

मेरठ में शाम के करीब सात बजे खंदक बाजार के भीड़ वाले इलाके में इदरीश के 50 गज के मकान में दो मासूम बच्चियों के अकीका के लिए चहल-पहल थी। अंदर भट्ठी पर खाना बनाया जा रहा था। इसी बीच गैस बंद हो गई। परिवार की महिला ने जैसे ही माचिस की तीली जलाई तो सिलिंडर ने आग पकड़ ली।



महिलाएं तो जान बचाकर बाहर आ गईं, लेकिन अंदर बच्चियां आग की चपेट में आ गईं। मकान आग का गोला बन चुका था। मासूम अंदर जल रहीं थीं और बाहर बेबस परिजन दहाड़े मारकर बिलख रहे थे।  इदरीश के चार बेटे और छह बेटियां है। दो बेटे और दो बेटियां साउथ अफ्रीका में रहते हैं। एक महीने पहले ही बेटी शहला ने एक बच्ची को जन्म दिया। इदरीश के बेटे जुनेद की पत्नी को भी 21 दिन पहले बेटी हुई। दो बच्चियों का जन्म हुआ तो जुनैद और उसकी बहन ने दोनों का अकीका एक साथ रखने का फैसला किया। सोमवार को घर में दावत थी और रविवार को यह हादसा हो गया।

Daughters kept burning alive inside, helpless relatives kept screaming outside after a house got on Fire
मासूम बच्चियां - फोटो : अमर उजाला

जिगर के टुकड़ों को बचाने के लिए आग में कूदने को तैयार थीं माताएं
आग लगने के बार घर से बाहर आईं बच्चियों की माएं आग में कूदने को तैयार थीं। उन्हें किसी तरह लोगों ने संभाला। आखों के सामने दोनों बेटियां जिंदा जल गईं और परिवार बेबस रहा। आग बुझते ही परिवार के लोग मकान में घुस गए, लेकिन तब तक सामान के साथ दोनों मासूमों का कंकाल ही बचा था। खंदक बाजार की घनी आबादी में ये खौफनाक मंजर जिसने भी देखा उसके रोंगटे खड़े हो गए।

Daughters kept burning alive inside, helpless relatives kept screaming outside after a house got on Fire
बच्चियों को लेकर निकलते लोग - फोटो : अमर उजाला

ननद-भाभी बेहोश
भीषण आग में अपनी-अपनी बेटियों को जलता देखकर जुनैद की पत्नी शहीना व उसकी ननद शैला बेहोश हो गई। होश में आईं तो दोनों मासूमों को बचाने के लिए अंदर घुसने की कोशिश करने लगीं। लोगों ने किसी तरह से उन्हें रोका।

विज्ञापन
विज्ञापन
Daughters kept burning alive inside, helpless relatives kept screaming outside after a house got on Fire
मकान में लगी आग - फोटो : अमर उजाला

रोते रहे पिता
परिवार के हर व्यक्ति का रो रोकर बुरा हाल था। रिश्तेदारी महिलाएं भी रोती बिलखती पहुंच गईं लेकिन तब तक दोनों बच्चियों की मां बदहवास थीं। दोनों सुध-बुध खो चुकी थीं। जुनैद और इमरान की हालत भी कुछ ठीक नहीं थी। रोते हुए वह बोल रहे थे कि मुझे बच्ची को दूध पिलाना है, वह बहुत देर से भूखी है।

विज्ञापन
Daughters kept burning alive inside, helpless relatives kept screaming outside after a house got on Fire
मकान में लगी आग - फोटो : अमर उजाला

हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल, जान पर खेल सिलिंडर बाहर खींचा
इदरीश के घर में आग लगते ही कोहराम मच गया। आग की ऊंची ऊंची लपटें उठ रहीं थी। तभी कुछ लोग वहां पहुंचे और जान जोखिम में डाल आग लगे सिलिंडर को बाहर खींच लाए। यहां लोगों ने बालू डालकर आग को बुझा दिया। मासूब बच्चियों को न बचा पाने का दर्द यहां हर किसी के चेहरे पर  दिखा। 

खंदक बाजार मिश्रित आबादी का इलाका है। जिस जगह इदरीश का घर बना है, वहां से चंद कदम की दूरी पर हिंदू परिवार भी रहते हैं। लगभग 80 प्रतिशत बाजार बंद हो चुका था। तभी आग लगने का शोर मच गया। लोग उस ओर दौड़ पड़े। परिवार के लोग बाहर खड़े चिल्ला रहे थे। पूछने पर पता चला कि नवजात बच्चियां अंदर हैं।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed